संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। शहर के न्यू इंद्रपुरी कॉलोनी में अवैध अतिक्रमण हटाने मामले में समय रहते कार्रवाई न करने पर नगर निगम कमिश्नर ने एमई राजकुमार को चार्जशीट किया है। ये मामला जिला कष्ट निवारण समिति में भी गूंजा था। इस मामले में सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने निगम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसकी गाज एमई पर गिरी है।
वहीं, निगम ने अतिक्रमण हटा यहां से कब्जा तो हटवा दिया है, मगर मलबा न उठाने पर बीते दिनों जिला कष्ट निवारण समिति बैठक में शिकायतकर्ता दोबारा पहुंचा। इस पर मंत्री ने जल्द यहां से मलबा उठाने के लिए निगम अधिकारियों को निर्देश दिए। वहीं, एक अन्य मामले में एग्जीक्यूशन कोर्ट का समन दबाकर रखने मामले में कौशल विकास निगम के तहत कर्मचारी विशाल को निगम ने बर्खास्त कर दिया है। क्लर्क हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तौर पर लगा हुआ था। इसके साथ ही जेई सहजप्रीत को निलंबित कर दिया है।
दरअसल, एक व्यक्ति ने टेंडर निगम में भरा था लेकिन निगम ने टेंडर ही अलॉट नहीं किया। इसके बाद व्यक्ति कोर्ट चला गया। कोर्ट ने करीब दो साल पहले 2021 में अवॉर्ड देने का फैसला सुनाया था, लेकिन निगम अधिकारियों ने यह अवार्ड नहीं दिया। उसने कोर्ट में ये मामला डाल दिया। कोर्ट ने इस मामले में तीन बार सम्मन जारी किए गए। निर्धारित तारीख पर कोई भी कर्मी व अधिकारी कोर्ट में पेश नहीं हो सका। कोर्ट में पेश न होने पर एग्जीक्यूशन कोर्ट ने निगम की प्रॉपर्टी अटैच कर तहसीलदार को नीलाम करने के आदेश दिए। जब तहसीलदार का नीलामी नोटिस निगम पहुंचा तो मामला निगम अधिकारियों के संज्ञान में आया। इसके बाद निगम ने मामले को चैलेंज कर जमीन की बोली रूकवाई। साथ ही अपनी गलती मानते हुए इस मामले में जिम्मेदार कर्मचारियों व अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही।
कोर्ट का सम्मन दबाने को लेकर नगर निगम क्लर्क विशाल को बर्खास्त कर दिया गया है और जेई सहजप्रीत को सस्पेंड किया गया है। कर्मचारियों द्वारा सम्मन दबाने के कारण निगम अपना पक्ष कोर्ट में नहीं रख सका। तहसीलदार का नीलामी नोटिस आने के बाद मामला संज्ञान में आया। जेई को सेक्शन-7 के तहत सस्पेंड किया गया। इसके साथ ही शहर के न्यू इंद्रपुरी कॉलोनी में अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर समय रहते कार्रवाई न करने पर एमई राजकुमार को चार्जशीट किया गया है। अब इस मामले में निगम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर दी है। यहां से मलबा भी हटवाया जाएगा। -संगीता तेतरवाल, आयुक्त, नगर निगम।