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Ambala News: निगमायुक्त का पद खाली, अटकीं 114 करोड़ की परियोजनाएं

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अंबाला छावनी में निर्मित बैंक स्क्वेयर। संवाद
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अंबाला। छावनी को महानगरों की तरह विकसित करने की करोड़ों रुपये की दो बड़ी परियोजनाएं प्रशासनिक लापरवाही और निगम आयुक्त का पद खाली होने के कारण अधर में लटक गई हैं। छावनी में लगभग 111 करोड़ की लागत से बनकर तैयार शानदार बैंक स्क्वेयर और 3 करोड़ की लागत से बनी नाइट स्ट्रीट फूड मार्केट का लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। अधिकारी की उदासीनता और अब खाली पड़े पद के चलते 114 करोड़ की ये योजनाएं फिलहाल ठंडे बस्ते में हैं।
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दो महीने से धूल फांक रही फाइलें
नगर परिषद ने करीब दो माह पहले बैंक स्क्वेयर के शोरूम और अन्य दुकानों को किराए पर देने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए नगर निगम आयुक्त को भेजा था। उम्मीद थी कि वहां से हरी झंडी मिलते ही निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, इससे नगर परिषद को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलना शुरू हो जाता लेकिन प्रशासनिक लेटलतीफी के चलते यह फाइल निगम आयुक्त कार्यालय में ही अटक कर रह गई है।

पद पर रहते हुए भी नहीं दिखाई रुचि
सूत्रों की मानें तो इस पूरे गतिरोध के पीछे सिर्फ पद का खाली होना ही एकमात्र वजह नहीं है। जब निगम आयुक्त अपने पद पर तैनात थे, तब भी उन्होंने इन महत्वपूर्ण और जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को सिरे चढ़ाने में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई क्योंकि अधिकांश समय वो छुट्टी पर ही रहे, ऐसे में फाइलों को समय पर आगे न बढ़ाने और टेंडर प्रक्रिया को लेकर बरती गई ढिलाई का खामियाजा अब छावनी की जनता को भुगतना पड़ रहा है। 3 करोड़ की लागत से तैयार नाइट स्ट्रीट फूड मार्केट भी उद्घाटन के इंतजार में धूल फांक रही है।
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अब मुख्यालय के मार्गदर्शन का इंतजार
निगम आयुक्त का पद खाली होने के बाद अब स्थानीय अधिकारियों के हाथ बंधे हुए हैं। बैंक स्क्वेयर और नाइट मार्केट को चालू करने के लिए अब स्थानीय स्तर से मुख्यालय को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही उच्चाधिकारियों से दिशा-निर्देश या नए आयुक्त की नियुक्ति होगी, निविदा की प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से शुरू कर दिया जाएगा।

राजस्व का नुकसान
इन दोनों बड़ी परियोजनाओं के शुरू न होने से नगर परिषद को हर महीने लाखों रुपये के किराए और टैक्स का नुकसान हो रहा है। वहीं, स्थानीय व्यापारियों और युवाओं को भी रोजगार के नए अवसरों से वंचित होना पड़ रहा है।

निगम आयुक्त का पद खाली होने के कारण निविदा से जुड़ी फाइल अभी लंबित है। मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा गया है ताकि अनुमति मिलते ही निविदा से जुड़ी प्रक्रिया आरंभ की जा सके।
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- देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर, अंबाला।

अंबाला छावनी में निर्मित बैंक स्क्वेयर। संवाद

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