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Ambala News: एमएसएमई खाली हाथ, बिजली दर और ब्याज सब्सिडी में नहीं बदलाव

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- उद्यमी बोले- बजट में नहीं मिली राहत, कच्चे माल की लागत में कमी का मुद्दा भी गायब
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माई सिटी रिपोर्टर

अंबाला। राज्य सरकार का बजट अंबाला के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग संचालकों की नजर में कमजोर है। अंबाला में साइंस और ग्लायवेयर इंडस्ट्रीज प्रमुख तौर पर एमएसएमई के बैनर तले काम करती हैं। उद्योग संचालकों का कहना है कि सरकार ने बजट में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की बात कही है, जो स्वागतयोग्य है। मगर एमएसएमई क्षेत्र के दृष्टिकोण से यह बजट अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता है।
एमएसएमई सेक्टर राज्य की औद्योगिक रीढ़ है और सबसे अधिक रोजगार सृजन करता है। इसके बावजूद बजट में बिजली की दरों में राहत, ब्याज सब्सिडी, कच्चे माल की लागत में कमी तथा सरल अनुपालन व्यवस्था जैसे ठोस और त्वरित उपायों का स्पष्ट प्रावधान दिखाई नहीं देता।
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निर्यात प्रोत्साहन, तकनीकी उन्नयन नहीं दिखा



अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन (असीमा) के महासचिव उमाकांत ने बताया कि बजट में निर्यात प्रोत्साहन, तकनीकी उन्नयन, डिजिटलीकरण का अभाव दिखा। क्लस्टर आधारित विकास योजनाओं के लिए पर्याप्त और स्पष्ट बजटीय आवंटन भी नहीं दिखा। वैश्विक प्रतिस्पर्धा और बढ़ती लागत के दौर में एमएसएमई को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता, कार्यशील पूंजी की आसान उपलब्धता तथा सरकारी भुगतान में समयबद्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

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एमएसएमई प्रतिनिधियों से संवाद करे सरकार

उद्योग संचालकों ने असीमा की ओर से सरकार से आग्रह भी किया है। उनका कहना है कि बजट घोषणाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए एमएसएमई प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद स्थापित करे। उद्योग की वास्तविक समस्याओं जैसे उच्च परिचालन लागत, जीएसटी अनुपालन की जटिलता और देरी से भुगतान पर ठोस एवं समयबद्ध निर्णय लिए जाएं।
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आसान नहीं हो रही आवेदन की प्रक्रिया

असीमा के पूर्व महासचिव गौरव सोनी ने बताया कि सरकार हर बार बजट में उद्योगों के लिए नई योजनाएं लाती है। मगर उन योजनाओं में आवेदन करना सरल नहीं होता है। इस बजट में उम्मीद थी कि आवेदन की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए सरकार कदम उठाएगी। इसके साथ ही बिजली की महंगी दरें चिंता में डाल रही है। इस पर भी कोई कदम नहीं दिखा।
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