लुधियाना के माछीवाड़ा साहिब के पास गांव भड़ी के पुल से नहर में गिरी कार में अंबाला के शाहपुर गांाव और शाहबाद के कठुआ गांव का परिवार था। ये परिवार रविवार को अंबाला के शाहपुर से ही एक साथ एक कार में खुशी-खुशी अपने रिश्तेदार की शादी में पंजाब गए थे, जबकि बुजुर्ग मां-बाप यहीं घर पर ही थे। सोमवार को इस परिवार को वापस अंबाला आना था।
लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था, ये परिवार सोमवार को वापस नहीं लौटा। सोमवार को पंजाब से शादी अटैंड करने के बाद परिवार के सदस्य कार में सवार होकर माछीवाड़ा साहिब के पास से गुजर रही नहर के साथ-साथ अंबाला की ओर आ रहे थे, लेकिन तभी भड़ी गांव के पुल के पास उनकी कार अचानक बेकाबू होकर नहर में जा समाई।
खुशी-खुशी गांव से निकला था परिवार
गांव में डाक्टर निर्मल सिंह का बेटा दलबीर सिंह कार चला रहा था, उसकी पत्नी गुरप्रीत कौर, डेढ़ साल का बेटा कुशलदीप सिंह, साली राजविंद्र कौर, उसका बेटा कमप्रीत सिंह, सालेहार मनप्रीत कौर उसका आठ वर्षीय बेटा मनवीर कार में सवार थे। दलबीर की साली और सालेहार बच्चों समेत दलबीर के घर शाहपुर में आए थे, सभी की यहीं अंबाला से कार में एक साथ अपने ही रिश्तेदार की शादी में जाने की प्लानिंग थी। लिहाजा सभी रविवार को एक साथ कार में पंजाब के लिए रवाना हुए थे।
सोमवार को परिवार को वापस लौटना था, लेकिन दोपहर को गांव में खबर पहुंची कि पूरा परिवार ही कार समेत ही नहर में समा गया है। उसके बाद तो पूरे गांव में मातम का माहौल बन गया। बुजुर्ग डाक्टर पिता तुरंत पंजाब के लिए रवाना हो गए, दलबीर की मां को भी जब सूचना मिली, तो बेहोश हो गई। बाद में उन्हे किसी तरह होश में लाया गया तो वह सदमे में चली गई।
मां की हालत यह रही कि वे थोड़ी-थोड़ी देर तक फूट-फूटकर रोती और फिर खामोश होकर सदमे में चली जाती। गांव की महिलाएं पीड़ित मां को संभालने में जुटी रही। जबकि गांव में पूरी तरह मातम पसर गया।
देररात तक पसरी रही मातम की खामोशी
सोमवार देररात तक गांव में मातम की खामोशी पसरी रही, ग्रामीणों को बस, इतना मालूम चला कि दलबीर को तो नहर से निकाला लिया गया है, जबकि अन्य के शवों की अभी तलाश चल रही है। गांव के लोग भी पीड़ित परिवार के ही घरों में देर रात तक डटे रहे और पंजाब से आने वाली सूचना का इंतजार करते रहे। उधर, पंजाब में पुलिस के जांच अफसर अवतार अली का कहना है कि इस मामले में नहर में डूबे लोगों की तलाश चल रही है। उनके अनुसार नहर बहुत गहरी थी, लेकिन शवों की तलाश जारी है। उधर, ग्रामीण लक्ष्मण सिंह कश्यप व बलजीत सिंह का कहना है कि इस खबर से पूरे गांव में मातम व्याप्त है, सभी को केवल हादसे का शिकार हुए लोगों की ही चिंता सता रही है, पंजाब में गए कुछ गांवों के लोगों से संपर्क कर उनसे वहां का हालचाल लेने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अभी वहां से कोई राहत भरी खबर नहीं मिल रही है। दूसरी ओर, देर रात तक पीड़ित मां सदम में ही रही और किसी से न कुछ बोली और न ही कुछ खाया। जबकि आस पड़ौस के लोगों के घरों के चूल्हे भी ठंडे ही रहे।