महिला बाइक राइडरों में दो वीर नारियां भी शामिल हैं। अंबाला पहुंचने पर खड्गा कोर के अधिकारियों ने सम्मानित किया। सेना के रैना ऑडिटोरियम में एनसीसी कैडेट और आर्मी स्कूल के बच्चों के साथ एक सेशन रखा गया। जिसमें वीर नारियों ने बेटियों को अपनी कहानी सुनाकर प्रोत्साहित किया।
24वें कारगिल विजय दिवस की स्मृति को विशेष बनाने और सेनाओं में महिलाओं की भूमिका को अग्रसर करने के उद्देश्य से महिला मोटरसाइकिल रैली आयोजित की जा रही है। मंगलवार को मोटरसाइकिल रैली में शामिल 25 महिला बाइक राइडर अंबाला कैंट पहुंची। यहां सेना की खड़गा कोर से जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने रैली का स्वागत किया।
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इसके बाद सेना के रैना ऑडिटोरियम में एनसीसी कैडेट और आर्मी स्कूल के बच्चों के साथ एक सेशन रखा गया। जिसमें वीर नारियों ने बेटियों को अपनी कहानी सुनाकर प्रोत्साहित किया। यह बाइक रैली नई दिल्ली से लद्दाख के द्रास में स्थित कारगिल वॉर मैमोरियल तक कुल 925 किलोमीटर का सफर तय करेगी।
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इस दौरान जनरल ऑफिसर कमांडिंग खड़गा कोर ने बदलाव की चिंगारी जलाने और गौरवशाली देश की महिलाओं को प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित किया। बाद में कार्यक्रम में टीम के सदस्य ने एक प्रेरक भाषण से स्कूली बच्चों की सभा को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्र के लिए उनके बलिदान को स्वीकार करते हुए वीर नारियों को स्मृति चिह्न सौंपे।
मोटरसाइकिल रैली में दो वीर नारियां शामिल हैं। जिनमें से एक सेवारत अधिकारी हैं। 10 सेवारत भारतीय सेना अधिकारी, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना से एक-एक महिला अधिकारी शामिल हैं। भारतीय सेना की तीन महिला सैनिक और आठ सशस्त्र बल की पत्नियां शामिल हैं। रैली कारगिल युद्ध स्मारक, द्रास (लद्दाख) में समाप्त होने से पहले अंबाला, जालंधर, उधमपुर, श्रीनगर में रुकेगी।
दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से की गई थी शुरुआत
महिला सशक्तिकरण के लिए आयोजित मोटरसाइकिल रैली का शुभारंभ मंगलवार को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक नई दिल्ली से सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे और आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष अर्चना पांडे ने झंडी दिखाकर रवाना किया।