संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। शारदीय नवरात्रि का आरंभ हर साल आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है। नवरात्रि पर इस बार माता का आगमन हाथी पर हो रहा है जोकि शुभ संकेत है। ज्योतिषी गिरीश आहूजा ने बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण के अनुसार, जब भी माता का आगमन हाथी पर होता है तो यह बेहद ही शुभ माना जाता है।
माता के हाथी पर आगमन का अर्थ है कि कृषि में वृद्धि होगी, साथ ही देश में धन-समृद्धि में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। हाथी पर आगमन से मतलब है कि सोमवार से नवरात्रि शुरू हो रहे हैं ऐसे में सोमवार को माता का वाहन हाथी होता है।
शारदीय नवरात्र पर बन रहे शुभ संयोग : इस बार नवरात्रि पर ग्रहों का बहुत ही शुभ संयोग बना हुआ है। बुधादित्य राजयोग, धन योग, चंद्र मंगल युति और गजकेसरी राजयोग का शुभ संयोग रहने वाला है।
नवरात्र का आरंभ गजकेसरी राजयोग से हो रहा है क्योंकि गुरु और चंद्रमा एक दूसरे से केंद्र भाव में होंगे। गुरु मिथुन राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेंगे ब्रह्म योग, शुक्ल योग और महालक्ष्मी राजयोग के साथ नवरात्र का पहला दिन खास बन जाएगा।
मां दुर्गा की कृपा से कई राशियां को कॅरिअर, धन, संपत्ति और रिश्तों में बड़ी सफलता और शुभ फल मिलेगा।
नवरात्र पर्व : नवरात्र का पहला दिन 22 सितंबर है और इस दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी। दूसरे दिन 23 सितंबर को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, तीसरे दिन 24 व 25 सितंबर को मां चंद्रघंटा की पूजा, चौथे दिन 26 सितंबर को मां कूष्मांडा की पूजा, पांचवां दिन 27 सितंबर को मां स्कंदमाता की पूजा, छठा दिन 28 सितंबर को मां कात्यायनी की पूजा, सातवां दिन 29 सितंबर को मां कालरात्रि की पूजा, आठवां दिन 30 सितंबर को मां महागौरी सिद्धिदात्री की पूजा, नौवां दिन 1 अक्तूबर को मां सिद्धिदात्री की पूजा और दसवां दिन 2 अक्तूबर को विजयदशमी पर्व मनाया जाएगा।