फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरोप ः डाॅक्टरों की लापरवाही से बच्चे की गर्भ में हुई मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
डाक्टरों की लापरवाही से 9 माह की 24 वर्षीय गर्भवती मोहिता पेट में पल रहे अजन्मे ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपनी बेटी को लेकर सोमवार शाम को अस्पताल पहुंचे थे लेकिन वहां उस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। वह दर्द से तड़पती रही लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन

शाम छह बजे से लेकर रात साढ़े 9 बजे तक उसे किसी ने नहीं देखा। इसके बाद जब उसे रात को देखा तो मौके पर मौजूद स्टाफ ने बच्चे की धड़कनें देखी लेकिन कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की। साथ ही अल्ट्रासाउंड कराने की बात कही। लेकिन अस्पताल में सोमवार को सरकारी अवकाश और मंगलवार को अल्ट्रासाउंड करने वाले एकमात्र डाक्टर अवकाश पर थे। इसीलिए वहां अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया। परिजन शहर के एक निजी अस्पताल में उसे लेकर पहुंचे लेकिन वहां भी 11 बजे के बाद ही अल्ट्रासाउंड करने की बात कही गई लिहाजा परिजन उसे छावनी के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे जहां अल्ट्रासाउंड के बाद डाक्टर ने बताया कि गर्भ में पल रहा मासूम दम तोड़ चुका है।
क्या है पूरा मामला
पीड़िता की मां नाहन हाउस निवासी अनीता ने बताया कि उन्होंने करीब 3 साल पहले अपनी बेटी मोहिता की शादी मोहड़ा संगरूर पंजाब निवासी सुखविंद्र से की थी। जब उसकी बेटी 7वें महीने में थी तो वह अपने मायके अंबाला आ गई थी। उसका इलाज शहर नागरिक अस्पताल में ही चल रहा था। डॉक्टर ने उसे बताया था कि 14 अगस्त को 9 महीने पूरे होंगे। लेकिन 8 अगस्त की शाम करीब 5 बजे अचानक मोहिता को दर्द हुआ। उसे लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे। जहां से उसे पीजीआई सेक्टर 32 में रेफर कर दिया गया। वहां रातभर उसे रखा गया और डाक्टरों ने इंजेक्शन उसे लगाया। इससे उसका दर्द बंद हो गया। इसलिए उसे वापस घर भेज दिया। 12 अगस्त की शाम मो मोहिता के पेट में दर्द शुरू हो गया। उसे लगा कि बच्चा पेट में हलचल नहीं कर रहा। इसलिए परिजन उसे शाम करीब 6 बजे अस्पताल ले गए। आरोप हैं कि वहां उसे समय पर इलाज नहीं मिला। इसी कारण बच्चे ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें