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Ambala News: सीटी स्कैन के लिए अस्पताल में आए मरीज की जेब से मोबाइल चोरी, वीडियो वायरल

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अंबाला। सावधान: अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल जा रहे हैं तो मरीज व तीमारदार अपने-अपने सामान का खुद ध्यान रखें। अस्पताल की भीड़ में चोर घूम रहे हैं जो पलक झपकते ही मोबाइल, पर्स आदि सामान लेकर फरार हो जाते हैं। ऐसा ही एक चोरी की वारदात इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। एक मरीज नागरिक अस्पताल की आईपीडी ब्लॉक में सीटी स्कैन करवाने के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर पर खड़ा होता है और आसपास मरीजों व तीमारदारों की भीड़ होती है। इतने में एक युवक आता है और भीड़ में ही व्यक्ति के ठीक आगे खड़ा हो जाता है।
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वह अपनी बाजू को पीछे करके व्यक्ति की ऊपर वाली जेब में से मोबाइल निकालकर रफूचक्कर हो जाता है। हैरानी की बात यह है कि उस समय किसी को भनक नहीं लगती लेकिन कुछ देर बाद जैसे ही व्यक्ति मोबाइल देखता है तो उसे चोरी का पता चलता है। जब अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो उसमें पूरी वारदात कैद हो जाती है। चोर मोबाइल लेकर सीधा अस्पताल के बाहर जाकर फरार हो जाता है। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल में लगी सिक्योरिटी गार्ड की फौज व पुलिस कुछ नहीं कर पाते।
अस्पताल में चोरी होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अस्पताल के शौचालयों में लगी टूंटियां, वार्ड में से मरीजों का सामान, उनके मोबाइल, चार्ज सहित कई सामान चोरी हो चुका है। जून 2023 में अस्पताल से ही एक नर्सिंग ऑफिसर की जेब से आईफोन चोरी हो गया था। चोर इतने शातिर थे कि पहले वो रैकी कर रहे थे। जैसे ही नर्सिंग ऑफिसर आईपीडी ब्लॉक में लिफ्ट के पास पहुंचती है तो चलते-चलते उसके एप्रन कोट की जेब से मोबाइल निकालकर ले गए। कुछ ही दूरी पर नर्सिंग ऑफिसर ने जेब में हाथ डाला था तो फोन गायब था। यह पूरी वारदात नागरिक अस्पताल के सीसीटीवी में कैद हो गई।
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नहीं थम रही वारदात

अस्पताल में सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी, सिक्योरिटी गार्ड की फौज व एक पुलिस चौकी तक परिसर में स्थापित है। फिर भी इन चोरी की वारदात पर लगाम नहीं लग पा रही है। यही कारण है कि मरीज भी अस्पताल में डर के साएं में रहते हैं। हालांकि कई बार चोरों को पकड़ा भी जा चुका है लेकिन लिखित में शिकायत न मिलने पर उन्हें छोड़ दिया जाता है। सामान मिलने पर पीड़ित शिकायत नहीं देता और सिक्योरिटी गार्ड, पुलिस चौकी में कोई शिकायत न पहुंचने पर चोर को भी छोड़ दिया जाता है। पूछने पर तर्क यह रहता है कि आखिर शिकायत देगा कौन, कर्मचारी से लेकर डॉक्टर व बड़े अधिकारी कार्रवाई करवाने से डरते हुए पीछे हट जाते हैं।


मरीज का मोबाइल चोरी होने का मामला संज्ञान में आया था लेकिन लिखित में कोई शिकायत नहीं आई है। थाने में वो उनकी गैरमौजूदगी में आया था और ऑनलाइन एफआईआर करवाने की बात कहकर चला गया था। अभी तक उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है।
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-रोहित, सब इंस्पेक्टर, रेजिमेंट चौकी प्रभारी
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