चोरी की गाड़ी को पकड़ते बदमाशों ने पीसीआर सवार दो पुलिस कर्मियों पर पहले पत्थर फेंके इसके बाद गोलियां चला दीं। गनीमत यह रही कि गोली केवल पीसीआर के शीशे पर लगी, लेकिन कर्मचारी बच गए। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी नदीम को धर दबोचा। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसने अलग-अलग टॉवर 11 बैटरी चुराई हैं और उसके अन्य साथी भी इसी गिरोह से जुड़े हैं।
दरअसल गांव कड़ासन से एक बिना नंबर प्लेट की पिकअप गाड़ी चोरी की सूचना पर पुलिस वीरवार तड़के अलर्ट हो गई। सूचना मिली थी कि चोरी की गई पिकअप मुलाना की तरफ आ रही है। मुलाना पीसीआर इंचार्ज अश्वनी और सहयोगी रवि ने तुरंत एक ढाबे के पास नेशनल हाईवे पर नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद दोसड़का फ्लाईओवर के ऊपर एक पिकअप आती दिखाई दी। इसे मुलाजिमों ने रोकने का इशारा किया, लेकिन पिकअप सवार ने गाड़ी नहीं रोकी। मुलाजिमों ने पीसीआर में उनका पीछा शुरू कर दिया। गाड़ी टोल टैक्स भंभौली से वापस मुड़कर थाना छप्पर की तरफ आने लगे। उन्होंने जब थाना छप्पर चौराहे पर मुलाना पुलिस की पीसीआर को देखा तो पिकअप में सवार बदमाशों ने पीसीआर पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। जब तक मुलाना पुलिस के मुलाजिम कुछ समझ पाते तभी एक बदमाश ने मुलाजिमों पर गोली चला दी जोकि पीसीआर के अगले शीशे पर लगी। जानलेवा हमले में मुलाना पुलिस के मुलाजिम बाल-बाल बचे। पुलिस मुलाजिमों के अनुसार पिकअप में चार बदमाश सवार थे। सीआईए ने आरोपी नदीम को पकड़कर रिमांड हासिल किया है ताकि अन्य साथियों की भी धरपकड़ हो सके।
एक आरोपी नदीम को हिरासत में लिया है। इन्होंने साहा-मुलाना और नारायणगढ़ में 11 जगह बैटरी चोरी का खुलासा किया है। इन्हीं में से एक ने मुलाना पुलिस पर फायरिंग की थी, जल्द ही अन्य को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- अरविंद कंबोज, सीआईए ग्रामीण इंचार्ज।