अंंबाला। अबला नहीं सबला है नारी, हौसले की वह खुद मिसाल है नारी...यह पंक्तियां अंबाला की बेटी विंग कमांडर मिंटी अग्रवाल पर बिल्कुल स्टीक बैठती हैंं। बचपन में ऑनरेरी फ्लाइंग ऑफिसर पिता को देखकर एयरफोर्स में आने की ठानी। मिंटी अग्रवाल ने स्क्वॉड्रन लीडर के रूप में सीमा पार हुई एयर स्ट्राइक में तत्कालीन विंग कमांडर अभिनंदन के साथ एफ-16 को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्हें युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। युद्ध पदक पाने वाली वह पहली महिला अफसर हैं। इस बहादुरी की बदौलत न केवल स्क्वॉड्रन लीडर से विंग कमांडर बन चुकी हैं। उनकी सेवाओं को देखते हुए चंडीगढ़ में बने इंडियन एयरफोर्स हेरिटेवह यह ज सेंटर में मिंटी का स्टेच्यू लगाया गया है। यहां लगा स्वीटी का स्टेच्यू युवाओं के लिए प्रेरणा है। विंग कमांडर मिंटी को जब भी मौका मिलता है वह परिवार के साथ समय बिताने के लिए अंबाला पहुंच जाती हैं।
राडार कंट्रोल स्टेशन पर तैनात थीं मिंटी
26 फरवरी, 2019 को भारतीय वायुसेना ने सीमापार एयर स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। विंग कमांडर अभिनंदन के साथ मिंटी ने पाकिस्तानी लड़ाकू विमान एफ-16 को मार गिराया था। उस समय मिंटी पंजाब में वायुसेना के राडार कंट्रोल स्टेशन पर स्क्वॉड्रन लीडर थीं।
एयरफोर्स स्कूल व एसडी कॉलेज में की है पढ़ाई
मिंटी अग्रवाल का पैतृक मकान महेशनगर के दुर्गा नगर में है। एयरफोर्स से ऑनरेरी फ्लाइंग ऑफिसर पद से रिटायर्ड मिंटी के पिता रविंद्र कुमार ने बताया कि मिंटी चार बहन-भाई में सबसे छोटी है। मिंटी का सलेक्शन एडमिशन सेक्शन में हुआ था, मगर एयर डिफेंस कॉलेज में वह मेरिट पर आई जिस कारण उसे एयर फाइटर कंट्रोलर विंग में लाया गया। मिंटी के पति राहुल अग्रवाल पहले अंबाला सिटी में बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर में सेवारत थे जो वर्तमान में मुंबई में रह रहे हैं।