अंबाला कैंट। वक्त रात को 8.34 मिनट। सदर बाजार में कार में घूम रहे सेहत मंत्री अनिल विज ने अपनी कार अचानक कैंट थाने में की ओर घुमा दी। थाने में अचानक घुसते ही वहां मौजूद पुलिस कर्मियों में हड़कंप की स्थिति बन गई। मंत्री भी अपने कार से उतरे और मुंशी रूम में घुसकर एक लकड़ी के बैंच पर जाकर बैठ गए।
वहां बैठा मुंशी और अन्य मुलाजिम भी एकदम से खड़े होकर मंत्री को सलाम ठोकने लगे। मंत्री ने बिना कुछ कहे वहां पड़ा रोजनामचा रजिस्टर उठा लिया और उसमें दर्ज शिकायतों का ब्यौरा पढना शुरू कर दिया। शिकायतें पढने के बाद मंत्री ने मुंशी से पूछा शिकायतों पर क्या कार्रवाई चल रही है? मुंशी ने भी जब दिया सर, सभी शिकायतें निपटाई जा रही है।
उसके बाद मंत्री विज वहां से उठे और घूमते हुए सीधे एसएचओ के कमरे में जा पहुंचे। कमरे में एसएचओ नहीं थे। मुलाजिमों की ओर मंत्री के आने के सूचना एसएचओ को तुरंत दी जा चुकी थी। जिसके चलते एसएचओ साहब जसपाल सिंह कुछ ही मिनटों में अपने कमरे में बिना वर्दी सिविल ड्रेस में ही पहुंच गए।
उसके बाद मंत्री ने आदेश देकर थाने का मुख्य गेट ही बंद करवा दिया। मंत्री ये देखना चाहते थे कि ऑन ड्यूटी मुलाजिम थाने में तैनात है या नहीं?
मंत्री ने ली मुलाजिमों की हाजिरी, बीस नहीं मिले
गेट बंद करवाते ही मंत्री ने हाजिरी रजिस्टर मंगवा लिए। जिसके बाद मंत्री सभी मुलाजिमों की हाजिरी लेना शुरू कर दिया। ड्यूटी में तैनान सभी मुलाजिमों को लाइन किया गया।
लेकिन इसमें से बीस मुलाजिम नदारद मिले। मंत्री एसएचओ से इन मुलाजिमों के बारे में पूछा तो एसएचओ भी हड़बड़ाकर जवाब देते हुए बोले कि कुछ मुलाजिम अभी से ही गश्त पर चले गए हैं और कुछ परेड ड्यूटी पर गए हुए हैं।
इस पर मंत्री ने पुलिस मुलाजिमों का रवानगी रजिस्टर मंगवा लिया। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि पुलिस वालों को थाने में रवानगी रजिस्टर ही नहीं मिला और न ही थाने से नदारद बीस मुलाजिमों की रवानगी उस रजिस्टर में दर्ज थी। इस पर मंत्री भड़क गए और उन्होंने एसएचओ की जमकर लगाई लताड़।
पहले फोन नहीं उठाया, फिर एक घंटे बाद पहुंचे डीसीपी
रवानगी रजिस्टर न मिलने से नाराज मंत्री ने वहीं मौजूद एसीपी हेडक्वार्टर हितेश यादव और एसीपी कैंट जगदीश दून को भी फटकार लगा दी।
उसके बाद मंत्री ने अपने पीए को निर्देश दिए कि वे डीसीपी सुरेंद्र पाल सिंह को फोन करे और उन्हे तुरंत थाने में पहुंचने को कहे। पीए ने मंत्री के सामने से ही तीन बार डीसीपी को मोबाइल मिलाया। मगर उन्होंने रिसीव नहीं किया। पीए ने मंत्री को सूचना दी कि डीसीपी साहब फोन नहीं उठा रहे हैं।
इस पर मंत्री और भड़क गए और उन्होंने पीए से कहा कि डीसीपी फोन नहीं उठा रहे हैं तो पुलिस कमिश्नर को फोन करके बुलवाया। इसी दौरान करीबन एक घंटा बीत गया और डीसीपी कैंट थाने में पहुंच गए। डीसीपी के आते ही मंत्री विज ने उनके सामने थाने के हालात रख दिए और उनसे कहा कि आप लोगों से अपना थाना तो संभलता नहीं, तो आप लोग शहर का क्राइम क्या संभालेंगे।
मंत्री ने कहा कि आपके थाने से बीस मुलाजिम गायब है, उनकी रवानगी कहां दर्ज हैं? ये तक मालूम नहीं? उनके साथ कोई घटना घट जाए तो उसका जिम्मेवार कौन होगा? डीसीपी ने कहा कि सभी मुलाजिम ड्यूटी पर हैं। डीसीपी ने एसएचओ से कहा कि वे मंत्री को बताएं कि मुलाजिम कहां हैं? लेकिन एसएचओ आखिर तक मुलाजिमों के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
चालीस शिकायतें पड़ी थी पेडिंग
विज ने थाने में दराज भी खंगालें, उसमें पड़ी लोगों की शिकायतों को देखकर मंत्री फिर भड़क गए। इस दौरान करीबन 40 शिकायतें ऐसी थी, जिन पर अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। न ही इन शिकायतों की कोई एफआईआर दर्ज की गई थी। ये शिकायतें अधिकतर चोरी की थी, जिस पर पुलिस गौर नहीं कर रही थी।
इसमें से 11 शिकायतें ऐसी थी जिन्होंने अपने एफिडेविट तक दिए हुए थे, पुलिस उस पर भी गौर नहीं कर रही थी। जबकि एक व्यक्ति की पुलिस वेरीफिकेशन किए जाने की अर्जी एक माह से पुलिस के पास पड़ी थी। उसे अपनी नौकरी के लिए पुलिस की वेरीफिकेशन रिपोर्ट चाहिए थी, लेकिन पुलिस ने उस अर्जी पर एक महीने से कोई कार्रवाई ही नहीं की। इसी बात को लेकर भी मंत्री ने पुलिस अफसरों व मुलाजिमों की लताड़ लगाई।
थाने में एक भी महिला कांस्टेबल नहीं
मंत्री ने पुलिस थाने में एक भी महिला कांस्टेबल न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने पुलिस अफसरों से पूछा कि यदि रात को कोई पीड़ित महिला थाने में फरियाद लेकर आती है तो उस स्थिति में पुलिस क्या करेगी? इस पर एसएचओ ने जवाब दिया कि ऐसी स्थिति में वे महिला सैल को फोन कर देते हैं और फिर वहीं से महिला पुलिसकर्मी थाने में जाती है?
...क्या ईंटों पर बाइक रखकर करते हो शहर की गश्त
दराज खंगालते हुए मंत्री विज को पुलिस की राइडर बाइक के पेट्रोल के बिल भी मिले। उन्होंने जब इस बारे में पूछा तो पुलिस अफसरों ने बताया कि एक बाइक राइडर को महीने का 20 लीटर तेल मिलता है।
इस पर चुटकी लेते हुए विज ने कहा कि महीने में 20 लीटर तेल में पुलिस का बाइक राइडर क्या गश्त करेगा? मंत्री बोले बीस लीटर तेल खत्म हो जाने के बाद क्या बाइक को ईंटों पर रखकर शहर की गश्त करते हैं पुलिस वाले?
जाते-जाते बोले विज, फरियादियों की न सुनी तो बख्शूंगा नहीं
रात को 10 बजकर 25 मिनट पर थाने से बाहर निकलते हुए विज ने पुलिस मुलाजिमों को साफ कहा कि मैं आप लोगों की कार्यप्रणाली देख चुका है। मैं लॉ एंड आर्डर के मामले में और फरियादियों की शिकायतों को इस तरह बेवजह लटकाने के मामले में किसी को बख्शूंगा नहीं।
मंत्री ने कहा कि लोगों की बात थाने में न सुनी जाए, ये मुझे बरदाश्त नहीं...कहो तो उन सभी लोगों को थाने में बुलवा लूं, जिनकी शिकायतें यहां पेडिंग पड़ी हैं। मंत्री की चेतावनी सुनने के बाद पुलिस वाले कोई जवाब नहीं दे पाए? इस दौरान मंत्री थाने की रसाई, टॉयलट, कमरे भी चैक किए और पानी की टंकी साफ करने को भी कहा।