गांव डेरा के निकट खनन रक्षक पर बदमाशों ने ड्यूटी के दौरान जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि इस दौरान खनन रक्षक की लाइसेंसी रिवाल्वर छीनकर फायरिंग की और सरकारी गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए। हमले में गंभीर रूप से जख्मी खनन रक्षक रवित कुमार के हाथ-पैर में फ्रैक्चर बताया जा रहा है। लोगों की मदद से उन्हें नारायणगढ़ लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। फिलहाल एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है।
पुलिस को दिए बयान में खनन रक्षक रवित कुमार ने बताया कि वह अपने दो अन्य साथियों दयाल सिंह और राजेश कुमार के साथ नारायणगढ़ जोन में ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान शुक्रवार की देर रात लगभग 11:15 बजे वे वाटिका ढाबा, गांव डेरा पहुंचे और सरकारी गाड़ी (बोलेरो) सर्विस स्टेशन के पास पार्क कर दी। रवित कुमार के अनुसार वे गाड़ी में ही बैठे रहे, जबकि उनके दोनों साथी ढाबे के अंदर खाने चले गए। इस दौरान आरोपी कुलदीप उर्फ दिप्पी, जसविन्द्र, महिन्द्र, भूरा, रिंकू, पोला आदि अनेक युवक तीन स्विफ्ट कारों में आ धमके। उन्होंने रवित को बात करने के बहाने गाड़ी से नीचे बुलाया और फिर डंडे तथा तेजधार हथियारों से हमला बोल दिया। आरोप है कि रवित कुमार की लाइसेंसी रिवाल्वर छीनने के बाद फायरिंग भी की। गनीमत रही कि गोली पास से निकल गई। फायरिंग और शोर सुनकर ढाबे कर्मी और रवित के साथी मौके पर पहुंचे तो आरोपी फरार हो गए। जाने से पहले उन्होंने सरकारी गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए। इस संबंध में जांच अधिकारी एसआई पवन कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
नारायणगढ़ में अवैध खनन करने वालों द्वारा संबंधित अधिकारियों पर हमला करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार खनन टीम पर बदमाशों ने हमला किया है। इसके बावजूद बदमाशों के हौसले किस कदर बुलंद है, इसका अंदाजा शुक्रवार की रात हुई घटना से लगाया जा सकता है।