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नहीं मिली गन्ने की पेमेंट तो 10 मार्च को बंद कर देंगे मिल

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किसानों को समझाते हुए एसडीएम डॉ. वैशाली शर्मा - फोटो : Ambala
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चीनी मिल बनौदी से गन्ने की बकाया 100 करोड़ की पेमेंट को लेकर किसानों ने शुक्रवार को मिल के गेट पर धरना देकर नारेबाजी की। भाकियू चढ़ूनी ग्रुप व गन्ना किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने यह धरना-प्रदर्शन किया। किसानों के आक्रोश को शांत करने के लिए एसडीएम नारायणगढ़ व मिल प्रशासन मौके पर पहुंचा।
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उन्होंने किसानों से बातचीत कर आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी पेमेंट सुचारु रूप से कर दी जाएगी। लेकिन किसान नहीं माने। किसानों ने कहा कि यदि मिल प्रबंधन ने 10 मार्च तक किसानों की 28 फरवरी तक की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया तो मिल को बंद कर दिया जाएगा। धरना प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे भाकियू चढ़ूनी ग्रुप के जिला अध्यक्ष मलकीत सिंह, मीडिया प्रभारी राजीव शर्मा, गन्ना किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष विनोद राणा, प्रदेश महासचिव बॉबी बधोली, प्रताप पतरहेड़ी आदि ने कहा कि मिल प्रबंधन बकाया पेमेंट के भुगतान के लिए हर बार आश्वासन देकर अपनी बात पर खरा नहीं उतरता है।
मिल प्रबंधन ने दिया जवाब 40 करोड़ रुपये की चीनी पर लिया जाएगा लोन
किसान नेताओं ने बताया कि लगभग 100 करोड़ से अधिक गन्ने की बकाया पेमेंट मिल के पास है। अभी तक मिल ने 12 दिसंबर तक की ही पेमेंट की है। उन्होंने कहा कि पेमेंट का अंतर बढ़ता जा रहा है। जिसे देखकर यही लग रहा कि इस बार भी पिछले वर्ष की तरह करोड़ों रुपये मिल के पास किसानों का बकाया रहेगा। एसडीएम डॉ. वैशाली शर्मा व मिल प्रबंधन की ओर से नरेंद्र मलिक, मनोज बंसल, परविंदर राठी ने किसानों को समझाने का प्रयास करते हुए कि कहा कि मिल द्वारा मौजूदा सत्र व पिछली बकाया सहित लगभग 78 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका।
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इस समय मिल के पास लगभग 40 करोड़ रुपये का चीनी का स्टॉक है। जिसकी एवज 25 करोड़ रुपये के लोन की बातचीत बैंक के साथ चल रही है। जिसकी जल्द मिलने उम्मीद है। जैसे ही लोन का पैसा मिलेगा तुरंत ही सारा पैसा किसानों के खातों में चला जाएगा। यह सुनकर किसानों ने कहा कि हमें मिल प्रशासन पर विश्वास नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें कोई तारीख नहीं चाहिए। अब तो हम आपको तारीख देंगे। किसानों ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि 10 मार्च तक 28 फरवरी तक की पेमेंट किसानों के खाते में नहीं आती तो 10 मार्च को मिल के समक्ष किसान महापंचायत की जाएगी। मिल को बंद कर दिया जाएगा। किसान नेताओं ने किसानों को कहा कि 8 मार्च से गन्ने की छिलाई बंद कर देंगे और गांव-गांव जाकर 10 मार्च को होने वाली किसान महापंचायत का प्रचार करेंगे।
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