संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। अंबाला क्लब के नीलगिरी हॉल में भावांजलि कला एवं साहित्य मंच की ओर से कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। दिल्ली, पटियाला, बिजनौर और अंबाला के कवियों व शायरों की शानदार प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को बांधे रखा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पटियाला की प्रसिद्ध शाइरा मधु मधुमन ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में फरीदाबाद से आए परवाज-ए-गजल के संस्थापक अजय अज्ञात मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन संस्था की संस्थापक अंजलि सिफ्र ने किया।
मंच पर दिल्ली से आए अरविंद असर, प्रमोद शर्मा असर और रीता अदा ने अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही बटोरी। मुशायरे में शायरों के अशआर ने समां बांध दिया। अजय अज्ञात ने पढ़ा- तभी तक पूछे जाओगे, जब तक काम आओगे, चिरागों को जलाते ही बुझा देते हैं तीली को। वहीं प्रमोद शर्मा असर ने जान के पलड़े से भारी था अना का पलड़ा... सुनाकर दाद बटोरी।
मधु मधुमन ने अपनी प्रस्तुति दिलों में जिंदा है प्यार जब तक, है जिंदगी में बहार तब तक... से श्रोताओं का दिल जीत लिया। संस्था के मार्गदर्शक ओम बनमाली ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में उद्योगपति संजय कपूर का विशेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर डॉ. विनय मल्होत्रा, डॉ. गुलशन राय, अनवर अंसारी, डॉ. सुमन जैन, मनीषा नारायण सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार उपस्थित रहे।