फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धावकों संग दौड़े मेयर और पार्षद

Wed, 22 Jun 2016 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
विज्ञापन
दौड़ लगाते धावक। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर दिल्ली से लाहौल स्पीति के लिए निकले धावक खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और रोयान सामजिक संस्था के सदस्यों का मंगलवार को अंबाला सिटी आम्रपाली परिसर में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। दिल्ली से ताबू शहर तक इस मैराथन का आयोजन रोयान सामाजिक संस्था द्वारा किया जा रहा है।
विज्ञापन



इन धावकों, प्रशिक्षकों व संस्था के सदस्यों ने अंबाला सिटी में भी मैराथन दौड़ लगाई और इसकी अगुवाई बतौर मुख्यातिथि अंबाला के मेयर रमेशलाल मल और सम्मानित अतिथि समाजसेवी रोहित जैन ने की। पार्षद पवन अग्रवाल, पार्षद दलजीत सिंह भाटिया, पार्षद जरनैल सिंह माजरा, पार्षद परविंद्र सिंह, पूर्व पार्षद बृजलाल सिंगला, समाज सेवी मुनीश मल, राजेश मेहता, एंकर दीपक गांधी निखिल आदि ने भी मैराथन में भाग लेकर धावकों का हौसला बढ़ाया।
मैराथन में दिल्ली पुलिस के एसीपी शशांक जयसवाल भी शामिल रहे, जबकि संस्था के सदस्य फजल मलिक इमाम, अमित किशोर और मल्य सौरभ ने बताया कि हरियाणा पुलिस के डीएसपी व प्रख्यात मुक्केबाज अखिल कुमार भी इस मैराथन का हिस्सा बनेंगे। अंबाला सिटी नेशनल हाईवे नंबर एक स्थित आम्रपाली परिसर पहुंचने पर धावकों में उस वक्त ज्यादा उत्साह देखा गया, जब अंबाला मेयर, पार्षद व अन्य समाज सेवियों ने बिना थके नेशनल हाईवे नंबर एक पर धावकों के साथ दौड़ लगाकर ऐतिहासिक धरोहरों व पर्यावरण को संभालने की अपील की। जबकि एंकर दीपक गांधी ने भी अपने खास अंदाज के साथ इन धावकों की हौसला अफजाई की।
विज्ञापन



अंबाला की धरोहर सहेजने को सीएम को पत्र लिखेंगे मेयर
धावकों, प्रशिक्षकों और आयोजकों का स्वागत करते हुए अंबाला के मेयर ने युवाओं से अपील की कि आज राष्ट्रीय धरोहर तब तक सुरक्षित नहीं रहेंगी, जब तक युवा वर्ग पहल न करें। उन्हें खुशी है कि इस मैराथन का उद्देश्य पर्यावरण के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने का संदेश भी देना है।
मेयर ने कहा कि अंबाला भी ऐतिहासिक धरोहरों का शहर है। करीबन पांच सौ साल पहले अंबाला शहर अस्तित्व में आया था। देवी अंबा के नाम से इस शहर को बसाया गया था।
आज इस पूरे जिले में कई धरोहर हैं, जो ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। इनमें रानी का तालाब, सेंट पॉल चर्च, कोस मीनारें, अंबिका देवी मंदिर, होली रिडीमर चर्च, क्रिश्चियन सीमेट्री, नौरंगराय तालाब, रानी दया कौर की समाधि, शीश गंज गुरुद्वारा, पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा, गुरु गोबिंद सिंह का ननिहाल एवं माता गुज्जर कौर के गांव लखनौर साहिब गुरुद्वारा, गेंदसर गुरुद्वारा, पहले शहीद बाबा मोहर सिंह की समाधि कुछ मुख्य धरोहरें हैं।
लेकिन विडंबना है कि बहुत से ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण के अभाव में जर्जर होती जा रही हैं। इसलिए वे इन धरोहरों को संभालने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे।


धावकों ने किया पौधारोपण
इस अवसर पर धावकों व संगठन के पदाधिकारियों ने अंबाला के मेयर व अन्य समाज सेवियों के साथ मिलकर आम्रपाली परिसर में पौधारोपण भी किया। इस दौरान समाजसेवी रोहित जैन ने सभी धावकों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे पर्यावरण बचाने के लिए भी अपना आंदोलन जारी रखने की अपील की। उसके बाद मेयर ने धावकों को नेशनल हाईवे पर आगे के लिए न केवल हरी झंडी दिखाई, बल्कि उनके साथ कुछ दूरी तक दौड़ भी लगाई। इस अवसर पर रोयान संस्था के फजल इमाम मलिक, अमित किशोर, मल्य सौरभ, भरत भारद्वाज, दिव्यांशु शर्मा, मृत्युंजय पांडे, विवेक त्रिपाठी, मुकेश वत्स, अमित माथुर इत्यादि सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें