अंबाला सिटी। मेयर पद के उप चुनाव को लेकर प्रचार तेज हो गया है। उम्मीदवार अब शेड्यूल बनाकर धरातल पर सक्रिय हो गए हैं। जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ रहा है तो अब पार्टी के बड़े नेता भी मंच पर दिखने लगे हैं। शहर में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है।
भाजपा जहां देश में दूसरे राज्यों में आए चुनावी परिणाम और प्रदेश में बनी सरकार से लबरेज है तो वहीं कांग्रेस भी अंबाला जिले में तीन विधानसभा सीट पर अपना कब्जा होने से जोश में लग रही है। इससे भाजपा नगर निगम मेयर पद पर पहली बार कमल खिलाने के लिए मैदान में उतरी है और कांग्रेस दूसरी बार निगम में कमल खिलाना चाहेगी।
कुछ ही महीनों में तीसरे चुनाव से फिर शहर में सियायती गर्मी बढ़ी
बीते वर्ष में ही लोकसभा और विधानसभा चुनाव हुए हैं। इन चुनाव के बाद फिर से अब चुनावी माहौल बन गया है। इससे शहर में सियासी गर्मी बढ़ गई है। शहर में फिर से शहर की छोटी सरकार का चौधरी चुनने के लिए लोगों में चर्चा बनने लगी है कि यह ताज किसके सिर पर सजेगा। यह मुकाबला रोमांचक बनता जा रहा है। वहीं, आने वाले दिनों में अब जनसभा शुरू होने वाली हैं। इनको लेकर उम्मीदवार रणनीति बना रहे हैं। शहर के वार्डों में छोटी जनसभा तो शुरू भी हो गई हैं। पार्टी के बड़े नेता भी अब मंच पर दिखने लगे हैं।
दस महीने में शहर की सूरत बदलने के लिए वायदे
भाजपा से शैलजा सचदेवा और कांग्रेस से अमीषा चावला चुनावी मैदान में है। इन दोनों उम्मीदवार में मुकाबला रोमांचक हो सकता है। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि अन्य पार्टियों ने चुनाव को अपना रुझान नहीं दिखाया है। शहर में इनेलो, बसपा, आम आदमी पार्टी शांत है। इन पार्टी का वोट बैंक भी मेयर उप चुनाव में अपना प्रभाव दिखा सकता है। अपने चुनावी भाषण में शहर की सूरत को बदलने के लिए वायदे भी किए जा रहे हैं और शहर की मुख्य समस्या सफाई, बेसहारा गोवंश, आवारा कुत्तों की समस्याएं भी चर्चा में हैं।