करीब तीन साल से अंबाला कैंट में (अंबाला-दिल्ली हाईवे के किनारे) बनने वाला शहीद स्मारक मात्र कागजों तक सिमटकर रह गया है। हालांकि इसके लिए भूमि पूजन व शिलान्यास किया जा चुका है, लेकिन यह मामला अभी इससे आगे नहीं बढ़ पाया है। कांग्रेस जहां अपने कार्यकाल में इसे अमलीजामा नहीं पहना पाई, वहीं भाजपा भी इस मामले में शिलान्यास व भूमि पूजन से आगे नहीं बढ़ पाई है। जनता को इंतजार है कि आखिर शहीद स्मारक का निर्माण कब शुरू होगा और कब यह पूरा होगा।
यह है योजना
अंबाला कैंट नेशनल हाईवे नंबर वन पर बनने वाले शहीद स्मारक का शिलान्यास किया। यह स्मारक भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के शहीदों के सम्मान में बनाया जाना है। इसकी लागत करीब सत्रह करोड़ है, जबकि 22 एकड़ में इसे बनाया जाना है। दावा किया जा रहा है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसका निर्माण किया जाएगा, लेकिन अभी यह कागजों तक ही सीमित है। हालांकि इसके निर्माण के लिए इस जमीन को समतल किया जाना है। लेकिन इस ओर भी अभी तक कोई खास नहीं हो पाया है।
यह है शहीद स्मारक
इस शहीद स्मारक में छह थिमेटिक पार्क बनाए जाने हैं।
* पार्क नंबर एक : पार्क में ब्रिटिश शासकों के आने से पहले यहां पर क्या था और लोग कैसे रहते थे
* पार्क नंबर दो : ईस्ट इंडिया कंपनी की नीतियां और इसका लोगों के जीवन पर प्रभाव
* पार्क नंबर तीन : अंबाला से उठी क्रांति की चिंगारी को दर्शाया जाएगा
* पार्क नंबर चार : ओवरऑल हरियाणा व शहीद राव तुलाराम के जीवन के बारे में बताया जाएगा
* पार्क नंबर पांच : दिल्ली, मेरठ, लखनऊ में हुई क्रांति के बारे में बताया जाएगा
* पार्क नंबर छह : 1857 की क्रांति का ब्रिटिश शासकों के दिमाग पर क्या प्रभाव पड़ा
यह भी होगा पार्क में
* मेमोरियल प्लेटफार्म तैयार होगा, जिसमें 90 व 70 फुट ऊंचे दो टावर होंगे
* प्लेटफार्म के नीचे म्यूजियम होगा, जिसकी दीवारों पर शहीदों के नाम होंगे
* आर्काइव लाइब्रेरी, 500 व्यक्ति की क्षमता का ऑडिटोरियम, हैलीपैड, कान्फ्रेंस हॉल, फूड कोर्ट, कवर्ड पार्किंग, रिसेप्शन, चिल्ड्रन पार्क
यह है जनता के सवाल
कैंट के रहने वाले आनंद मोहन शुक्ला, चंद्र अरोड़ा, स्नेहपाल धीमान, राजेश कुमार, विशाल कुमार का कहना है कि शहीदों के सम्मान के साथ एक तरह से यह खिलवाड़ ही है। सरकार ने शहीद स्मारक को लेकर दावे तो किए, लेकिन अभी तक इस ओर कोई भी जमीनी कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि हर साल स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस ऐसे ही निकल जाते हैं, लेकिन शहीदों के लिए स्मारक को लेकर कुछ नहीं किया जा रहा है।
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य : विज
स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज का कहना है कि शहीदी स्मार्क को बनाने की कार्रवाई तेजी से चल रही है। संबंधित विभाग ने अपनी विभागीय औपचारिकताएं निभाने के लिए प्रपोजल अपने सिनियर्स को भेजा हुआ है जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।