अंबाला। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए कान्हा जी के अलौकिक और भव्य शृंगार के सामान से दुकानें सज चुकी हैं। अपने प्रिय लड्डू गोपाल को सबसे सुंदर रूप में सजाने के लिए श्रद्धालु दुकानों पर केश, तिलक, हार, कंगन और पायल जैसी सामग्रियों की खरीदारी कर रहे हैं।
बाजारों में इस बार कान्हा जी के मुखारविंद की शोभा बढ़ाने के लिए रेशमी घुंघराले केश विभिन्न आकारों में उपलब्ध हैं। यह बाल 20 रुपये से शुरू होकर 1,000 रुपये तक में मिल रहे हैं। साथ ही, बाल गोपाल के माथे की शोभा बढ़ाने के लिए मेटल से बने विशेष तिलक आए हैं, जिनकी कीमत 5 से 60 तक है।
दुकानदार रवि गुप्ता ने बताया कि कान्हा जी के रेशमी घुंघराले केश विभिन्न साइज में उपलब्ध हैं, जो 20 से 1,000 रुपये, मेटल वर्क में टिकाऊ और चमकदार तिलक जो 5 से 60 रुपये, मोती, कुंदन और जरकन जड़ित हार जो 20 से 4,500 रुपये, मोती व जरकन से निर्मित कान्हा जी के कंगन 20 से 600 रुपये, पीतल के महीन डिजाइन में पायल डिजाइन के अनुसार 30 से 800 रुपये में उपलब्ध है। श्रद्धालु कान्हा जी की शृंगार के लिए जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
मोती, कुंदन और जरकन के हार बने आकर्षण
कान्हा जी के गले के लिए मोती, कुंदन और जरकन से तैयार किए गए हार श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। यह हार एक फीट की छोटी मूर्ति से लेकर छह फीट तक की बड़ी मूर्तियों के आकार में उपलब्ध हैं।
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चरणों की शोभा बढ़ा रहे नन्हे कड़े और पायल
लड्डू गोपाल के नन्हे चरणों के लिए पीतल से तैयार की गई छोटी-छोटी पायल और कड़े श्रद्धालुओं को बेहद लुभा रहे हैं। इसके अलावा हाथ के लिए मोती और जरकन से बने बारीक नक्काशी वाले कंगन आसानी से मिल रहे हैं।