संवाद न्यूज एजेंसी,
मुलाना। पहाड़ों में बारिश का असर शुक्रवार को मुलाना में दिखाई दिया। यहां मारकंडा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 10 फीट को पार कर गया। इस सीजन में दूसरी बार ऐसा हुआ है जब मारकंडा नदी ने खतरे के निशान को पार किया है। शुक्रवार को दोपहर 2 :40 बजे मारकंडा नदी में रिकार्ड जलस्तर 10.6 फीट करीब 52600 क्यूसेक दर्ज किया गया। हालांकि करीब 20 मिनट बाद ही जलस्तर घटने लगा, जिससे मारकंडा नदी का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों से फसलों को प्रभावित करते हुए हेमामाजरा गांव की फिरनी और मुलाना हेमामाजरा रोड से गुजरने लगा, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं खेतों में पहले ही बारिश पानी भरा हुआ है, जिसके बाद मारकंडा नदी के पानी आने से फसलें प्रभावित हुई हैं।
मारकंडा नदी के पानी के साथ काफी गाद आती है जोकि फसलों के लिए सही नहीं है। शुक्रवार शाम 5 बजे भी मारकंडा नदी का जलस्तर चेतावनी वाले स्तर 9 फीट पर 43200 क्यूसेक के साथ दर्ज किया गया। मारकंडा नदी के उफान पर आने पर हेमामाजरा, घेलड़ी, सोहाना, तंदवाल, जफरपुर, अल्यासपुर सहित अन्य गांवों की फसलों पर खतरा मंडराने लगा है।
बेगना नदी उफान पर, गोला गांव में घुसा पानी
उधर शुक्रवार को बेगना नदी भी उफान पर रही। जलस्तर को करीब 25000 क्यूसेक दर्ज किया गया जिससे गोला गांव में नदी का पानी घुस गया। पानी का स्तर गांव में लगातार बढ़ता गया और गांव गलियां जलमग्न हो गई, इसके साथ ही कई घरों में भी पानी घुस गया। नहौनी, टमनौली, गोला, गोली सहित अन्य फसलों को भी बेगना नदी ने प्रभावित किया। बेगना नदी के उफान पर होने से गोला गांव में इस सीजन 4 से 5 बार पानी ने मार की है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को यहां का स्थायी समाधान करना चाहिए। हर बार गांव में पानी आने पर ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हेमामाजरा गांव में घुसा मारकंडा नदी का पानी। संवाद
हेमामाजरा गांव में घुसा मारकंडा नदी का पानी। संवाद
हेमामाजरा गांव में घुसा मारकंडा नदी का पानी। संवाद
हेमामाजरा गांव में घुसा मारकंडा नदी का पानी। संवाद
हेमामाजरा गांव में घुसा मारकंडा नदी का पानी। संवाद