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बहन ने भाई के शव पर सजाया सेहरा और भाभी ने डाला सुरमा...रो पड़ा हर शख्स

Sat, 14 Mar 2020 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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अंबाला में नारायणगढ़ के गांव लोटो के 29 वर्षीय मनिंद्र सिंह की लूट के इरादे से अमेरिका में हुई हत्या के 16 दिन बाद शुक्रवार को उसका शव अपने पैतृक गांव पहुंचा। जैसे ही शव गांव में पहुंचा तो मातम पसर गया। इसके बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि गांव लोंटो के अवतार सिंह जो पुलिस रेलवे से रिटायर्ड हैं, उनके दो लड़के थे। बड़ा बेटा गुरविंद्र सिंह पुर्तगाल गया हुआ है, जबकि छोटा बेटा मनिंद्र सिंह उर्फ सोनू 9 साल से अमेरिका के इडियाना शहर में एक स्टोर पर काम करता था। वह मेहनत मजदूरी कर पैसे हर महीने अपने माता-पिता के पास भेजता था। उसके भाई का काम कम होने पर उसे भी पैसा भेजता था। उसकी ड्यूटी स्टोर पर दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे थी।

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27 फरवरी को करीब साढ़े 10 बजे सिर पर कैप डाले एक बदमाश ने उसे गोली मार दी। गोली उसकी बाजू पर लगी और वह नीचे गिर गया। बदमाश ने अंदर आकर उसका मोबाइल व गल्ले से पैसे निकाले व उस पर दोबारा गोली चलाई। गोली उसकी छाती पर लगी और उसकी मौत हो गई। अमेरिका की पुलिस ने मनिन्द्र के शव का पोस्टमार्टम 28 फरवरी को करवा कर वहां के शवगृह में रखवा दिया। लेकिन शव को इंडिया ले जाने के लिए कागजात व करीब 30 लाख का प्रबंध करना था। मनिन्द्र के माता-पिता के पास 30 लाख रुपये इकट्ठा करना मुश्किल हो गया। अमेरिका में उनके एक रिश्तेदार ने गुफैन्ड मी डॉट कॉम के नाम से सहायता कोष बनाया। जिसपर वहां के लोगों व दोस्तों ने पैसा इकट्ठा कर मनिन्द्र का शव भेजने का इंतजाम करवाया। 7 मार्च को मनिन्द्र का शव इंडिया आना था लेकिन अप्रूवल न मिलने पर शव आने में देरी हुई।

दिल्ली एयरपोर्ट पर सात घंटे लगे चेकिंग में

रिश्तेदार जसपाल सिंह जो गांव खानपुर लुबाना का रहने वाला है वह अमेरिका में था। उसने बताया कि इंडिया के कागजात का प्रोसेस पूरा होने पर 10 मार्च को शाम 6 बजे इंडियाना से न्यूयार्क के लिए फ्लाईट ली। फिर 11 मार्च को न्यूयार्क से 8.55 बजे रात को दिल्ली के लिए रवाना हुई। जो 12 मार्च को दिल्ली एयरपोर्ट पर शाम साढे़ 7 बजे पहुंची। वहां 7 घंटे चेकिंग करने के बाद शुक्रवार को सुबह करीब चार बजे नारायणगढ़ के लिए रवाना हुए।
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बहन ने भाई के शव पर सजाया सेहरा और भाभी ने डाला सुरमा

गांव में शव पहुंचने पर जहां पर क्षेत्र के लोग व परिजन पहुंचे हुए थे। शव को देखकर सब की आंखें नम हो गई। शव बॉक्स खोला गया तो मनिंद्र के शरीर को काले रंग के कोर्ट-पैंट व मैरून रंग की पगड़ी पहनाई हुई थी। बहन राजेंद्र कौेर के अपने भाई की शादी में शामिल होने के अरमान धरे के धरे रह गए। रोती-विलाप करती बहन ने सेहरा व नोटों के हार भाई के शव को डाला। वहीं भाभी ने सुरमा व मेहंदी की रस्म अदा की। दोनों ने अपनी आंखों में सपने संजोए थे कि उनका भाई-देवर आएगा और उसकी शादी में शामिल होंगे। जीते जी तो अरमान पूरे नहीं हो सके, लेकिन मरने के बाद उसकी मनिंद्र की इच्छा के लिए बहन-भाभी ने सारी रस्में अदा की। मां व रिश्तेदारो का यह माहौल देखकर रो-रो कर बुरा हाल था। मौके पर प्रशासन तहसीलदार दिनेश ढिल्लो व अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
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