साहा के गांव ढकोला के ग्रामीणों ने लिंगानुपात में सुधार कर समाज के सामने एक नजीर पेश की है। यहां आंकड़ों पर नजर डाले तो इस गांव में 0 से 6 वर्ष के बच्चों में लड़कों से ज्यादा लड़कियां है। साहा विकास खंड के इस गांव ढकौला में स्थित दो आंगनबाड़ियों ने सर्वे कर अपनी रिपोर्ट दी है।
इसके मुताबिक वीरवार तक इस गांव में 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग में 45 लड़कियां और 36 लड़के हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीलम के मुताबिक इस गांव में लोग कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक और कानूनी बुराई के प्रति बहुत सजग हैं और लड़कियों को जन्म का अधिकार देने के साथ-साथ शिक्षा का भी पर्याप्त अवसर देते हैं।
गांव की पंचायत भी गदगद
गांव के सरपंच प्रीतम सिंह कहा कि उनके गांव की आबादी 1544 है। इस आबादी में पुरुषों की संख्या 813 और महिलाओं की संख्या 731 है।
सरपंच के मुताबिक उनके गांव में सामाजिक भाईचारा अन्य गांवों की तुलना में बहुत मजबूत है। विभिन्न राजनीतिक दलों में विश्वास रखने वाले गांव वासी गांव के विकास तथा सामाजिक मुद्दों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी मसलों में पूरा सहयोग करते हैं।
उनके अनुसार अब 0 से 6 साल के बच्चों से जुड़े नए आंकड़ों ने गांव के सभी लोगों को गौरवान्वित किया है। इसमें लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा हो गई है।
उनके अनुसार उनके गांवों में आगे भी कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान जारी रहेगा।