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Ambala News: महामंडलेश्वर योगी आनंद गिरी लखनऊ से गिरफ्तार

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महामंडलेश्वर का पुराना फोटो
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नारायणगढ़। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10.50 लाख रुपये की ठगी के आरोप में नारायणगढ़ थाना पुलिस ने महामंडलेश्वर योगी आनंद गिरी उर्फ आनंद पंडित को लखनऊ से पकड़ा है। बुधवार को उसे नारायणगढ़ कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया है। कालाआम्ब निवासी सुनीता रानी ने पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि सितंबर 2024 में एक रक्तदान शिविर में उनकी मुलाकात आनंद गिरी से हुई थी। आरोपी ने खुद को मानवाधिकार सुरक्षा संघ का संस्थापक बताया था। उसने सुनीता रानी को संस्था का अध्यक्ष बनाया। इसके बाद उसने महिला के छोटे बेटे ऋषभ को केंद्र सरकार में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर की नौकरी का झांसा दिया। नौकरी के नाम पर पहले 50 हजार रुपये शगुन के तौर पर लिए गए। दिसंबर 2025 में 5 लाख रुपये बैंक ट्रांसफर के जरिए हड़प लिए गए। 16 जनवरी को ऋषभ को गाजियाबाद बुलाकर फर्जी ऑफर लेटर दिया गया। इसके बाद दोबारा 5 लाख रुपये मांगे गए, जो महिला ने उधार लेकर दिए।
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फर्जी पाया गया आधार कार्ड : 16 मार्च को नियुक्ति के बहाने पीड़िता और उसके बेटे को दिल्ली बुलाया गया। वहां कई घंटों तक गाड़ी में घुमाने के बाद आरोपी बेटे को एक होटल में छोड़कर भाग गए। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो आनंद गिरी और उसके साथी मनीष मिश्रा ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। जांच में आरोपी का आधार कार्ड भी फर्जी पाया गया है। आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने आरोपी महामंडलेश्वर और उसके सहयोगियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।
इसके बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट से पांच दिन की रिमांड मिली है। रिमांड के दौरान रुपयों की बरामदगी और अन्य सहयोगियों का पता लगाया जाएगा। संवाद

महामंडलेश्वर का पुराना फोटो

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