अंबाला। प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन चल रहा है। इस महाकुंभ में लोग त्रिवेणी संगम में स्नान करके अपने आपको पवित्र मानते हैं। कई लोग और साधु संत किसी न किसी कारण के चलते मकर संक्रांति पर आयोजित महाकुंभ में नहीं जा सके। वहीं कुछ लोग उम्र और शारीरिक रूप से परेशान हैं इस कारण से भी उन्हें महाकुंभ में जाने का अवसर नहीं मिल रहा है। ऐसे लोगों के लिए पंडित प्रवेश उनियाल बताते हैं कि जो लोग महाकुंभ में नहीं जा सकते हैं उन्हें दान करना चाहिए। इसके साथ ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इसके साथ ही अगर हरिद्वार जाकर गंगा स्नान कर सकते हैं तो ऐसा करने पर भी उन्हें महाकुंभ जैसा ही फल मिलेगा। इसके साथ ही भगवान से प्रार्थना करें कि अगली बार उन्हें महाकुंभ में भाग लेने को जरूर बुलाए।
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उम्र बनी महाकुंभ जाने में रोड़ा
छावनी के महेश नगर स्थित किस्मत नगर निवासी अजब सिंह राणा ने बताया कि वह विश्व हिंदू परिषद में महामंत्री हैं। अब तक भोले बाबा की कृपा नहीं हुई इसलिए उन्हें कुंभ और महाकुंभ में जाने का अवसर नहीं मिला। इस बार उन्होंने प्रयागराज के इस महाकुंभ में मकर संक्रांति पर अपनी पत्नी सरला सिंह के साथ त्रिवेणी संगम पर स्नान करने जाना था। लेकिन ठंड और उम्र को देखते हुए उनका मकर संक्रांति पर प्रयागराज जाना सपना बनकर रह गया। उनकी उम्र 72 साल से ज्यादा है और उनकी पत्नी सरला की उम्र 70 साल है। उन्होंने बताया कि भोले बाबा ने कृपा की और फरवरी में ठंड कम हुई तो वह पत्नी के साथ 26 फरवरी को प्रयागराज के अंतिम स्नान करने जरूर जाएंगे।
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जाने का अभी बन रहा है विचार
छावनी के बीसी स्थित शिव मंदिर के पंडित संजीव बैंजवाल ने बताया कि उन्हें महाकुंभ में जाने का मौका नहीं मिला। जबकि हरिद्वार में आयोजित कुंभ में स्नान कर चुके हैं, इस बार 144 साल बाद महाकुंभ पडा है भला इस अवसर पर कौन त्रिवेणी में स्नान करना नहीं चाहेगा। उन्होंने बताया कि उपलाना में उनके गुरु रहते हैं। उनके साथ फरवरी में महाकुंभ में जाने का विचार बन रहा है, अगर बाबा की कृपा हुई तो वह अपने गुरु जी के साथ जरुर त्रिवेणी में स्नान करने जाएंगे। उन्होंने बताया कि जो लोग महाकुंभ में नहीं जा पा रहे हैं, वह गंगा जल डालकर गंगा जी का नाम स्मरण करके स्नान करें। इसके अलावा भगवान सूर्य का ध्यान करें। गरुड़ पुराण में भी लिखा है कि गंगा जी का स्मरन, नमन और गंगा जी का नाम लेने से ही सबको मोक्ष की प्राप्ति होती है।
संगम में डुबकी लगाकर अंबाला पहुंचे भक्तों ने महाकुंभ का किया गुणगान
महाकुंभ प्रयागराज संगम तीर्थ स्थल पर अंबाला के लोग भी जा रहे हैं और संगम में डुबकी लगाकर करके भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। इंद्रपुरी डी ब्लॉक से पं सतीश शांडिल्य, टैगोर नगर से अजय जिंदल, निर्मल विहार से रामेश्वर बंसल ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ मेले के आयोजन के लिए डिजिटल तैयारियां भी की हैं ताकि लाखों श्रद्धालुओं के लिए महाकुंभ मेले के अनुभव को यादगार बनाया जा सके।
पं सतीश शांडिल्य ने बताया कि प्रयाग कुंभ मेले में त्रिवेणी संगम तट पर ही स्नान करना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां गंगा, यमुना, सरस्वती, कावेरी, गोदावरी, कृष्णा, सिंधु, क्षिप्रा, ब्रह्मपुत्र आदि सभी नदियों के अपने-अपने संगम है।
प्रवेश उनियाल, पंडित सनातन धर्म मंदिर, अंबाला छावनी।
प्रवेश उनियाल, पंडित सनातन धर्म मंदिर, अंबाला छावनी।