हरिंदर पाल सिंह
अंबाला। छह माह में तीन लाख रुपये का घाटा होने के कारण ठेकेदार ने छावनी रेलवे स्टेशन पर बूम बैरियर के ठेके से हाथ पीछे खींच लिए हैं। ठेकेदार ने रेलवे को ठेका सरेंडर करने के लिए पत्र लिख दिया है, वहीं रेलवे ने भी नए ठेके को लेकर प्रक्रिया आरंभ कर दी है ताकि शुरू की सुविधा पर ग्रहण न लगे और रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
ठेका सरेंडर करने के तीन मुख्य कारण
दिल्ली की जिस कंपनी ने अंबाला मंडल के सबसे व्यस्त छावनी रेलवे स्टेशन पर बूम बैरियर का ठेका लिया था, इस कंपनी के पास पहले नई दिल्ली और सहारनपुर रेलवे स्टेशन का भी ठेका था, वहां भी घाटे के कारण ठेकेदार ने हाथ पीछे खींच लिए थे, वहीं अंबाला स्टेशन पर ठेका सरेंडर करने के तीन प्रमुख कारण सामने आए हैं। इनमें पहला कारण बूम बैरियर का ठेका है जोकि एक वर्ष के लिए 2.41 करोड़ में दिया गया है और इसमें जीएसटी को भी अलग से जोड़ा गया है। दूसरा कारण ट्रेनों का संचालन बंद होने के कारण ठेकेदार को प्रतिमाह 50 हजार रुपये का नुकसान हो रहा था, वहीं तीसरा और प्रमुख कारण रेल कर्मचारियों द्वारा पास न बनवाना और पार्किंग शुल्क मांगने पर धमकी देना और दुर्व्यवहार करना शामिल था।
खामियों का आकलन करेगी टीम
बूम बैरियर का छह माह में फ्लॉप हो जाना रेलवे के लिए भी अब सिरदर्दी बन सकता है। जिस सुविधा को मंडल रेल प्रबंधक के निर्देश पर शुरु किया गया, आखिर वो क्यों फेल हो गई और इसके फेल होने के पीछे क्या कारण रहे, इसका आकलन वाणिज्य विभाग की टीम करेगी जोकि धरातल पर उतरकर की जाएगी। इस दौरान यह भी देखा जाएगा कि बाढ़ आने के कारण पंजाब व जम्मू की तरफ ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने से कितने वाहन रेलवे परिसर में नहीं आए और पहले कितने आते थे। इन सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच-पड़ताल की जाएगी ताकि अगर ऐसी कोई भी स्थिति बने तो ठेकेदार को नियमों के तहत राहत प्रदान की जा सके।
बूम बैरियर का ठेका काफी अधिक था, वहीं कोरोना काल में जब वाहनों की आवाजाही कम हुई थी तो ठेकेदार को राहत प्रदान की गई थी। इस बार भी बाढ़ के कारण ट्रेनों का संचालन बुरी तरीके से प्रभावित रहा। इस कारण आमदनी काफी कम रह गई। वहीं रेलवे कर्मचारियों का धौंस जमाना भी ठेका सरेंडर करने का मुख्य कारण है।
- चंदन कुमार, मैनेजर बूम बैरियर।
ठेकेदार ने बूम बैरियर का ठेका सरेंडर कर दिया है। ठेका क्यों सरेंडर किया गया, इसके क्या कारण रहे हैं, इसका आकलन किया जा रहा है ताकि नई निविदा में इन सभी खामियों को नियम बनाकर जोड़ा जा सके और ठेकेदार को भी नुकसान न झेलना पड़े।
- एनके झा, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।