भगवान के आशियाने डकैतों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गए हैं। छोटा खुड्डा में माता बाला सुंदरी के मंदिर में डकैती से पहले भी बदमाश ऐसी ही वारदात को अंजाम तक पहुंचा चुकेे हैं। हैरत की बात है कि पुलिस किसी भी वारदात की गुत्थी नहीं सुलझा पाई। ताजा मामले ने एक बार फिर पुलिस के सुरक्षा बंदोबस्त की पोल खोलकर रख दी। महामाया बाला सुंदरी मंदिर में डकैती को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। हालांकि वारदात के दौरान डकैतों ने किसी पर हमला नहीं किया। लोगों को कमरे में बंद कर दिया गया। पुलिस जल्द वारदात को सुलझाने की बात कह रही है।
वारदात से पहले काटी बिजली सप्लाई
महामाया बाला सुंदरी मंदिर में डकैतों को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। मंदिर में दाखिल होने से पहले डकैतों ने बिजली की मुख्य लाइन को काट दिया। अंधेरा होने के बाद ही डकैत दीवार फांदकर अंदर दाखिल हुए। मुख्य लाइन काटने के बावजूद मंदिर में रोशनी हो रही थी। तब उस लाइन को भी काटा गया। इसके लिए डकैतों द्वारा प्लास का इस्तेमाल करने की बात कही जा रही है। फिर वारदात को अंजाम देने के लिए मंदिर परिसर में मौजूद लोगों को एक कमरे में बंद कर दिया गया।
पहले भी पुलिस की वर्दी में हो चुकी दो वारदातें
ताजा वारदात से पहले डकैती की दो ऐसी वारदातें हो चुकी हैं जिन्हें डकैतों ने पुलिस की खाकी वर्दी का इस्तेमाल किया। इसके पीछे डकैतों का मकसद पूरी साफ है कि वारदात से पहले कोई उनकी नीयत पर शक न करे। इसी वजह से डकैत पुलिस की वर्दी का बखूूबी इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले अंजाम दी गई डकैती की ऐसी वारदातों की गुत्थी भी अभी तक अनसुलझी है। पुलिस भी सिवाय खानापूर्ति के इन मामलों की जांच में कुछ नहीं कर रही। इसी वजह से पुलिस दस्तावेजों में ये मामले अभी तक अनसुलझे हैं।
12 नवंबर 2018 को बुजुर्ग से उतरवाए थे गहने
पुलिस की वर्दी पहने एक युवक ने अपने दूसरे साथी के साथ बब्याल की वृद्धा को ठग लिया था। 62 वर्षीय शीला जैन उस दिन दोपहर को जब सब्जी मंडी बाजार में सामान लेने आई तो यह घटना हुई। युवक ने खुद पुलिस कर्मी बताकर एक कार्ड दिखाया और वृद्धा को एसपी के आदेशानुसार बाजार में सोने के गहने डालकर घूमने से इंकार करने की बात कही। वृद्धा ने बातों में आकर अपनी सोने की चार चूड़ियां और एक गले में डली सोने की चेन उतारकर दे दी। जब वह नागरिक अस्पताल के पास पहुंचे तो वर्दीधारी ने नकली सोने के कड़े पकड़ा दिए और मौके से फरार हो गए। बाद में बुजुर्ग ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी।
23 अक्टूबर को मारकंडेश्वर मंदिर में डाली थी डकैती
तंदवाल-हरियोली मारकंडेश्वर मंदिर में 23 अक्टूबर की आधी रात को 10-12 नाकाबपोश युवकों ने इसी तरह मंदिर के मंहत सहित छह लोगों को बंधकर बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। सभी डकैत पुलिस की वर्दी में आए थे। इन सभी के हाथों में डंडे और लाठियां थी। मंदिर परिसर में आने के बाद बदमाशों ने मंदिर परिसर में अफीम, भुक्की होने की सूचना मिलने की बात कहकर पहले सर्च अभियान चलाया इसके बाद लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान बदमाश अलमारी में रखी करीब 50 हजार की नकदी लूट कर ले गए थे।
पहचान न हो सके इसलिए ढके थे मुुंह
मंदिर में वारदात को अंजाम देेने वाले डकैत बेहद शातिर थे। किसी को उनकी पहचान न हो सके लिए खादी वर्दी पहनने के बावजूद सभी ने मुंह ढके हुए थे। दरअसल पकड़े जाने के बावजूद ऐसे डकैतों की पहचान नहीं हो पाती। क्योंकि वारदात के दौरान मुंह ढका होने के कारण पीड़ित अंजाम देने वालों को पहचान नहीं पाते। इसी वजह से डकैत नकाब का इस्तेमाल करते हैं। अफीम व गांजे की तस्करी के मामले की जांच करने की बात कहकर डकैतों ने सभी को एक कमरे में बंद कर दिया। हालांकि लोगों के आने से पहले डकैत खेतों के रास्ते फरार हो गए।