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ग्राम सचिव और पंचों के फर्जी हस्ताक्षर कर निकाले 17.2

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ग्राम सचिव और ग्राम पंचों के हस्ताक्षर कर पंचायती खाते से 17 लाख 28 हजार 128 रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में दो गांव के सरपंचों को निलंबित कर दिया गया है। अब इन दोनों गांव के सरपंच पंचायत की किसी भी कार्रवाई या बैठक में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। डीसी अशोक कुमार ने बुधवार को यह कार्रवाई की। सस्पेंड होने वाले सरपंचों में मियांपुर के कर्मचंद और उज्जल माजरी के लखविंद्र सिंह शामिल हैं। सीएम विंडो पर डाली गई शिकायतों की जांच में दोषी पाए जाने पर डीसी ने यह कदम उठाया।
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बहुमत वाले पंच को रिकार्ड सौंपने के आदेश
दोनों ही पंचों को सस्पेंड करने के साथ-साथ डीसी ने यह भी आदेश जारी कर दिए हैं कि हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51 (2) के तहत पंचायत की किसी भी कार्रवाई या बैठक में भाग नही ले सकेंगे और ग्राम पंचायत की जो भी चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड है, वह तुरंत बहुमत वाले पंच को देंगे।
2017-18 में किया गबन
गांव मियां माजरा के सरपंच कर्मचंद के खिलाफ मुख्यमंत्री घोषणा में 2017-18 में एससी चौपाल के निर्माण के तहत ग्राम सचिव के फर्जी हस्ताक्षर कर 6 लाख 55 हजार रुपये की राशि गबन करने का आरोप लगाया गया था। इसी प्रकार गांव उज्जल माजरी के सरपंच लखविंद्र सिंह पर 10 लाख 73 हजार 120 रुपये की राशि के गबन करने के आरोप गांव के ही पंच रमेश और राजेश ने लगाए थे। इसी पर कार्रवाई करते हुए दोनों को निलंबित किया गया है।
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