हरियाणा में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान अंबाला से भाजपा प्रत्याशी बंतो कटारिया को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों ने कहा कि जब उनकी मांगें केंद्र सरकार के साथ थी तो उन्हें हरियाणा सरकार ने क्यों रोका।
अंबाला शहर के समीप स्थित गांव नग्गल में शनिवार को सुबह भाजपा प्रत्याशी को किसानों के तीखे प्रश्नों का सामना करना पड़ गया। इस दौरान उन्होंने किसानों का मांग पत्र तो लिया मगर बार-बार किसानों के सामने हाथ जोड़तीं नजर आईं। वहीं कुछ भाजपा नेताओं के चेहरे पर हंसी थी तो इस पर सोशल मीडिया पर किसान कड़ी आपत्ति दर्ज करते नजर आए।
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दरअसल अंबाला लोकसभा सीट से भाजपा की प्रत्याशी बंतो कटारिया डोर टू डोर प्रचार कर रहीं हैं। इसी कार्यक्रम के तहत वह शनिवार को गांव नग्गल में पहुंचीं थी। यहां पर भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के बैनर तले किसान नेताओं ने उन्हें रोक लिया। किसान नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी से तीखे सवाल पूछने शुरू कर दिए। जिसमें किसान कह रह हैं कि जब उनकी मांगें केंद्र सरकार के साथ थी तो उन्हें हरियाणा सरकार ने क्यों रोका।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी मामले में अभी तक कार्रवाई न होने को लेकर भी आरोप लगाए गए। इसके साथ ही किसानों ने कहा कि जब अंबाला में बाढ़ आई थी तब नेता कहां चले गए थे। इस दौरान बार-बार भाजपा प्रत्याशी बंतो कटारिया किसानों के हाथ जोड़ती दिखाई दीं। इस दौरान परिवहन राज्य मंत्री असीम गोयल भी बार-बार किसानों को समझाते नजर आए। वह लिखित रूप से किसानों की मांगें मांगते दिखे।