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उगाना सबस्टेशन पर ताला जड़ा

Fri, 18 Jul 2014 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला
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अंबाला कैंट/मुलाना। बिजली के अघोषित कट ने लोगों को बहुत ज्यादा परेशान कर रखा है। शहरों में छह से आठ और गांवों में सोलह घंटे के कट लग रहे हैं।
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उधर मुलाना के गुस्साए लोगों ने वीरवार को उगाना सबस्टेशन पर ताला जड़ दिया। कैंट में वीरवार को आठ घंटे तक बिजली कट लगा। इससे कैंट के तमाम बाजारों में इलेक्ट्रॉनिक्स का काम करने वाले कारोबारी तो खाली बैठे रहे। साथ ही कार्यालयों के लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए। बड़े-बड़े शोरूम भी बिना बिजली के सूने ही दिखाई दिए। एसडीओ हरीश ने बताया कि ब्रेकडाउन की वजह से रिपेयर वर्क चल रहा था, इसीलिए कट लगाना पड़ा।

अचानक बढ़ी वोल्टेज से उपकरण जले
कैंट के रामनगर में भी अचानक आई वोल्टेज की वजह से लोगों के घरों के उपकरण जल गए। सौरभ, संजय और सोनू ने बताया कि उनके घरों में कूलर, मोटर व पंखे हाई वोल्टेज की वजह से जल गए हैं। इन लोगों ने बताया कि पहले तो कई घंटे तक बिजली गुल रहती है, जब बत्ती आती है तो वोल्टेज काफी कम होती है। इसके बाद एकाएक वोल्टेज बढ़ जाती है। दर्शन लाल ने बताया कि वोल्टेज बढ़ने से उनका फ्रिज भी खराब हो गया है।
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सबस्टेशन के बाहर भूख हड़ताल
मुलाना। उगाला में ग्रामीणों ने बिजली कट से परेशान होकर सबस्टेशन पर ताला जड़ दिया। ग्रामीण सबस्टेशन के बाहर टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए हैं। डीसी व एसई में से एक सीनियर अफसर को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए हैं। ताला जड़ने से पहले ग्रामीणों ने बिजली कर्मियों को बाहर निकाल दिया था।

बाद में एसडीओ भूपेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने ग्रामीणों को उन लोगों की फेहरिस्त दी जिन लोगों ने बिजली के बिल नहीं भरे हैं लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक गांवों में बिजली व्यवस्था ठीक नहीं होगी, वे बात नहीं करेंगे। उगाला मार्केट प्रधान नेत्र पाल राणा, सरदार हरजिंदर सिंह, लक्की राणा, अशोक कुमार, परमजीत सिंह प्रेम नगर, राजेश कुमार, नेत्र पाल जैन व राकेश बुद्धि राजा ने बताया कि गांव की पंचायत ने बिजली निगम को गांव में सबस्टेशन लगाने के लिए तीन एकड़ जमीन दी थी।

उस वक्त यह भरोसा दिलाया गया था कि गांव में चौबीस घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी लेकिन सिर्फ चार घंटे ही बिजली मिल रही है। अगर प्रशासन पूरी सप्लाई नहीं दे सकता तो हमारी जमीन वापस दी जाए। ग्रामीणों ने बताया कि वे आज से सबस्टेशन पर पांच दिन तक भूख हड़ताल करेंगे।

फ्लैग : बिजली की अव्यवस्था से दूसरे विभागों के अधिकारी भी परेशान
डीसी को बताई बिजली कर्मचारियों की मनमानी

कहा, हमारे फोन ही नहीं उठाते तो आम जनता की शिकायतें क्या सुनेंगे
अंबाला सिटी। बिजली निगम के अफसरों व कर्मचारियों की मनमानी से आम जनता ही नहीं, बल्कि सरकारी विभागों के अफसर भी परेशान है। सरकारी विभागों के अधिकारियों ने अपना दर्द डीसी के सामने रखा। डीसी ने हैरानी व्यक्त करते हुए बिजली निगम के अफसरों  को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
ये बोले अफसर : मौका था जिले के सरकारी महकमों की समीक्षा बैठक का। डीसी सभी महकमे के अफसरों से उनके महकमों की कार्यप्रणाली की रिपोर्ट ले रहे थे।

तभी बात जब बिजली निगम की आई तो डीसी ने महकमे के एक्सईएन से बिजली व्यवस्था के बारे में पूछा लेकिन तभी अन्य विभागों के अधिकारियों ने बिजली महकमे को निशाना बनाना शुरू कर दिया। सरकारी विभागों के अफसरों ने डीसी को बताया कि बिजली सप्लाई का बहुत बुरा हाल है। बहुत ज्यादा अघोषित कट लगते हैं साथ ही वोल्टेज की समस्या है। अफसर बोले, इतना ही नहीं बिजली निगम ने शिकायत के लिए जो नंबर सार्वजनिक कर रखे हैं, उनमें से अधिकतर फोन तो उठते ही नहीं है। बार-बार मोबाइल मिलाने पर उन नंबरों पर कोई रिस्पांस नहीं आता।
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एक्सईएन ने किया बचाव, डीसी ने दी नसीहत
इस पर बिजली निगम के एक्सईएन ने डीसी को बताया कि कोई भी बिजली अफसर व लाइनमैन रात को जल्द नहीं सोता। उनके अनुसार लोगों ने बिना सूचना के लोड बढ़ा दिया है, इसीलिए बहुत ज्यादा लाइन फाल्ट रहते हैं, अफसर और कर्मचारी रात-रातभर उन्हें ठीक करने में लगे रहते हैं। इस पर डीसी डॉ. साकेत कुमार ने कहा कि बिजली अफसर व कर्मचारी  कम से कम मोबाइल तो उठाएं और लोगों को बिजली कट या फाल्ट की सही स्थिति बता दें। डीसी ने माना कि शिकायतकर्ता की सुनवाई न होना गैर जिम्मेदार रवैया है। इसे किसी भी कीमत सहन नहीं किया जाएगा।
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