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लॉकडाउन से थमे ट्रकों के पहिए, ट्रांसपोर्टरों को किस्त जमा करवाने की बड़ी चिंता

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लॉकडाउन के चलते सारी कंपनियां बंद है। इस कारण ट्रांसपोर्टरों के ट्रकों के पहिये भी पिछले 11 दिनों से थमे हुए हैं, जिससे ट्रांसपोर्टरों का काम पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। कामकाज ठप होने से परेशान ट्रांसपोर्टरों को किस्त जमा करवाने की चिंता सताने लगी है। उनका कहना है कि प्रतिमाह हमारी 55 से लेकर 65 हजार रुपये तक की किस्त जाती है। वहीं, लॉकडाउन के कारण ड्राइवर भी पूरी तरह से खाली बैठे हुए हैं। अभी ड्राइवरों को भी वेतन देना है लेकिन लॉकडाउन होने के कारण दे नहीं पा रहे हैं। इस बीच अगर हम किस्त नहीं दे पाते हैं तो हमारे ट्रक को बैंक जब्त कर लेंगे। जिससे कि हमारी आर्थिक स्थिति खराब हो जाएगी। लॉकडाउन जैसी स्थिति में हमारे लिए किस्त जमा करवाना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा। इसलिए हम ट्रांसपोर्टरों को किस्त जमा करवाने को लेकर सरकार से राहत की मांग है। ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन कहना है कि अगर पिछले साल की तरह इस साल भी किस्त जमा करवाने के लिए 3 से 4 माह का समय मिल जाए तो उससे ट्रांसपोर्टरों को इस मुश्किल खड़ी में काफी राहत मिलेगी।
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जिले से 500 ट्रकों का होता है संचालन
जिले से करीब करीब 500 ट्रकों का संचालन होता है। यहां से सामान गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु व अन्य राज्यों में जाता है लेकिन इसमें से अधिकतर ट्रक पूरी तरह से रुके हुए हैं, कुछ ही ट्रक ऐसे जिनका संचालन हो रहा है। इनमें भी सिर्फ खाने-पीने के सामान की वस्तुओं को लेकर जाया जा रहा है। जबकि अधिकतर ट्रक मोहड़ा-मोहड़ी के पास खड़े हुए हैं। वहीं ट्रकों के खड़े रहने के कारण उनकी मशीनरी के खराब होने का भी डर है।
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यह बोले ट्रांसपोर्टर
फोटो नंबर 55
पिछले साल भी काफी समय तक ट्रकों के पहिये रुके रहे थे, लेकिन पिछले साल तो हमने जैसे-तैसे करके गुजारा चला लिया था। इस बार गुजारा चलाना बहुत ही मुश्किल हो रहा है। ट्रकों की किस्तें भी जा रही है। अगर ट्रक नहीं चलेंगे तो किस्त भी कहां से जमा करवाएं। सरकार को किस्त जमा करवाने में राहत देनी चाहिए।
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- संदीप रोहिला
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फोटो नंबर 56
ट्रक पिछले 11 दिन से खड़े हैं। इस कारण ड्राइवर भी खाली बैठे हैं। स्थिति ऐसी है कि घर का गुजारा चलाना तक मुश्किल हो रहा है लेकिन हमें बैंक की किस्त भी देनी है और ड्राइवर का वेतन भी। बिना काम के किस्त जमा करवाना तो बहुत ही मुश्किल हो जाएगा। हम नहीं कह रहे कि सरकार किस्त माफ करें। बस ट्रांसपोर्टरों को थोड़ा समय देदे।
- संदीप पराशर।
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फोटो नंबर 57
सभी ट्रांसपोर्टर इस समय काफी परेशानी झेल रहे हैं। क्योंकि कंपनियां के साथ-साथ काम भी पूरी तरह से बंद हैं। क्योंकि ट्रक चलते रहते हैं तो हमारा गुजारा चलता है, लेकिन अब घर खर्च निकालना तक मुश्किल हो रहा है। अब समझ नहीं आ रहा है कि ट्रक की किस्त कहां से देंगे और ड्राइवरों को वेतन कहां से देगें। सरकार को कुछ राहत का एलान करना चाहिए।
- सुभाष चौधरी।
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फोटो नंबर 58
बिना काम के बैंकों को किस्त चुकाना और ड्राइवरों को वेतन देना मुश्किल हो जाएगा। अभी तक 11 ही दिन हुए हैं अभी आगे और कितना समय तक लॉकडाउन बढ़ता है यह पता नहीं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमारे लिए तो मुसीबत खड़ी हो जाएगी।
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- बलकार सिंह।
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