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Ambala: एनफोर्समेंट टीम व आरटीए की लोकेशन हो रही व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर, वाहन चैकिंग के दौरान हुआ खुलासा

Tue, 31 Oct 2023 11:30 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)

सार

अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे पर मोहड़ा के नजदीक ओवर लोडिंग वाहनों की चैकिंग की जा रही थी। इस दौरान एक ओवरलोड टिप्पर को चैकिंग के लिए रोका गया। चालक की पहचान सल्लामुद्दीन के रूप में हुई। जब गाड़ी रोककर उसके दस्तावेज व मोबाइल चैक किया तो उसके व्हाट्सएप में यूवी लोकेशन के नाम से ग्रुप बना हुआ था। ग्रुप में करीब 59 सदस्य थे।
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प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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एनफोर्समेंट टीम व आरटीए की लोकेशन व्हाट्सएप ग्रुपों में शेयर होने का एक बार फिर मामला सामने आया है। शातिर ओवरलोड वाहन चालकों का बाकायदा एक ग्रुप बना हुआ था। इसमें 59 सदस्य शामिल थे। जैसे ही किसी को रास्ते में चेकिंग मिलती तो उस मार्ग पर ओवर लोर्डिंग वाहन गुजरने बंद हो जाते थे। इसका खुलासा अंबाला कैंट थाने में आटीए अंबाला सुशील कुमार द्वारा दी शिकायत से हुआ। बताया कि उन्होंने एक टिप्पर चालक को पकड़ा था और उसे व्हाट्सएप ग्रुप से इस पूरे ग्रुप का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने आरटीएम की शिकायत पर सल्लामुददीन, अमरीक मुंशी, जगपाल मुंशी, काला मुंशी, मनजीत, शकील मुंशी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। 

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शिकायतकर्ता आरटीए सुशील कुमार ने बताया कि 27 सितंबर को एन्फोर्समेंट ब्यूरो टीम द्वारा इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार के नेतृत्व में अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे पर मोहड़ा के नजदीक ओवर लोडिंग वाहनों की चैकिंग की जा रही थी। इस दौरान एक ओवरलोड टिप्पर को चैकिंग के लिए रोका गया। चालक की पहचान सल्लामुद्दीन के रूप में हुई। जब गाड़ी रोककर उसके दस्तावेज व मोबाइल चैक किया तो उसके व्हाट्सएप में यूवी लोकेशन के नाम से ग्रुप बना हुआ था। ग्रुप में करीब 59 सदस्य थे, जिनमें से आधे से अधिक लोगों के नंबर ही उसके मोबाइल में सेव नहीं थे। इस ग्रुप में अमरीक मुंशी, जगपाल मुंशी, काला मुंशी, मनजीत, शकील मुंशी एडमिन थे। इन लोगों द्वारा इस ग्रुप में ओवरलोड वाहनों की चैकिंग करने वाली एन्फोर्समेंट टीम और आरटीए की लोकेशन शेयर की जाती थी। लोकेशन शेयर होते ही तुरंत उस रूट पर ओवरलोड गाड़ियों की आवाजाही बंद हो जाती थी। 

अंबाला में पहले भी पकड़ा जा चुका है ऐसा ग्रुप 
आरटीए टीम की चेकिंग से बचने के लिए व्हाट्सएप पर लोकेशन शेयर करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार इस तरह से ग्रुप का मामला उजागर हुआ है। आरटीए टीम की तरफ से कार्रवाई की गई थी। बावजूद आरटीए की तरफ से इस गिरोह पर किसी भी तरह से रोक नहीं जा रही। ऐसे में ओवरलोड वाहनों का कारोबार भी खूब फल फूल रहा है।

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