अंबाला सिटी। मार्च में नगर निगम को तीसरा मेयर मिलेगा। मेयर पद पर उपचुनाव को लेकर शहर में जनसभा शुरू हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस ने प्रचार तेज कर दिया है। निगम में पहला चुनाव 2013 में हुआ था। तब से लेकर अब तक कई समस्या ऐसी हैं, जिनका समाधान करने के लिए वायदे तो किए गए, लेकिन वह समस्याएं अभी तक भी लंबित हैं।
इन समस्याओं में शहर की सफाई, बेसहारा गोवंश, आवारा कुत्तों, नालों की सफाई, सड़कें, बरसाती पानी की निकासी, गोशाला बनाने सहित अन्य कई मुद्दे शामिल हैं। वहीं, अब मेयर उपचुनाव में वादों का सिलसिला शुरू हो गया है। निगम को मिलने वाले नए मेयर के सामने कई बड़ी समस्याएं चुनौती के तौर पर खड़ी हैं। 10 महीनों में इन चुनौती से पार पाना भी आसान नहीं होगा।
चल रही घोषणा-पत्र की तैयारी
निगम मेयर उपचुनाव में वैसे तो उम्मीदवार लोगों को निगम से जुड़ी समस्याओं को हल करवाने के लिए वादा कर रहे हैं, मगर उनका चुनाव किन मुद्दों पर लड़ा जाएगा, इसको लेकर भी भाजपा व कांग्रेस की ओर से रणनीति बनाई जा रही है। शहर की मांग और समस्याओं के लिए घोषणा-पत्र बनाया जा रहा है। इसके लिए विशेष समिति कार्य कर रही हैं।
चार वर्ष के कार्यकाल में नहीं बनी गोशाला
शहर में बेसहारा गोवंश की बड़ी समस्या है। इस समस्या के समाधान के लिए निगम ने प्रयास तो किए, लेकिन अभी भी समस्या जस की तस है। निगम की गोशाला बनाने के लिए पहले भी कार्यवाही चली थी, मगर यह बीच में ही अटक गई। इससे निगम के पास अपनी गोशाला नहीं है और बेसहारा गोवंश सड़कों पर हैं। मेयर के बीते चार वर्ष के कार्यकाल में निगम अपनी गोशाला भी नहीं बना सका। बता दें कि शहर में नगर निगम के मेयर पद पर उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। भाजपा से शैलजा सचदेवा और कांग्रेस से अमीषा चावला मैदान में हैं। चुनाव दो मार्च को होना है।