अंबाला सिटी। नारायणगढ़ क्षेत्र में करीब दो वर्ष पहले दलित नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में कोर्ट ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड और नहीं चुकाने की दशा में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने के भी आदेश दिए हैं।
यह घटना वर्ष 2022 की है। इसके बाद इसका ट्रायल अंबाला शहर स्थित पॉक्सो की फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहा था। बुधवार को एडीजे मनपाल रमावत ने फैसला सुनाते हुए एससी एसटी एक्ट में दोषी को नंदलाल उम्रकैद की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही पॉक्सो एक्ट की धारा छह में 20 साल की सजा और 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इसके साथ ही छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस मामले में अगस्त 2022 को नारायणगढ़ के महिला थाने में एक महिला ने शिकायत दी कि उसकी नाबालिग बेटी पड़ोस में रहने वाले नंदलाल के घर पर सब्जी तोड़ने गई थी। जब वह काफी देर बाद लौटकर आई तो काफी डरी थी। उससे मां ने देरी से आने का कारण तो उसने बताया कि नंदलाल ने उसे जबरन कमरे में बंद कर लिया था। इसके बाद उसके साथ गंदी हरकत की। इसके बाद पीड़िता की मां ने अपने पिता को पूरी घटना बताई। वह आए और पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पीड़िता और उसके मां के बयान लिए गए।