फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: कमिश्नर को लिखा पत्र, 85 नालों की एक बार भी नहीं हुई सफाई, ठेका किया जाए रद्द

विज्ञापन
विज्ञापन
-भाजपा पार्षदों ने नालों की सफाई करने वाले ठेकेदार के खिलाफ खोला मोर्चा,
विज्ञापन


कमिश्नर को लिखा पत्र, 85 नालों की एक बार भी नहीं हुई सफाई, ठेका किया जाए रद्द

संवाद न्यूज एजेंसी,
अंबाला सिटी। भाजपा पार्षदों ने नगर निगम के सफाई ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्षदों ने नगर निगम कमिश्नर अंजू चौधरी को पत्र लिखा। नालों की सफाई एक बार भी नहीं होने पर ठेकेदार का ठेका रद्द करने की मांग की गई। निगम पार्षदों ने पत्र में कहा कि निगम ने ठेकेदार को पूरे शहर के करीब 85 नालों की सफाई के लिए 58 लाख का ठेका दिया है।
ठेकेदार को तीन महीने में तीन बार नाले साफ करने थे। ठेकेदार को ठेका दिए 1 महीना हो गया है, लेकिन अभी तक एक बार भी शहर के नाले साफ नहीं किए गए। यही नहीं कई नाले तो टेंडर में शामिल ही नहीं किए गए। वहीं, नगर निगम कमिश्नर अंजू चौधरी ने कहा कि मामले की जांच करवाई जाएगी।
विज्ञापन

फोटो-45
बरसाती पानी की निकासी में दिक्कत आ रही: प्रीति सूद
कोट्स
उनके वार्ड में ठेकेदार ने एक बार भी नाले साफ नहीं किए। माता रानी चौक से आर्मी गेट चौक और इंको चौक की पुलिया से लेकर कांवला तक उनके एरिया में बड़े नाले पड़ते हैं। इन नालों की अभी तक एक बार भी सफाई नहीं हुई। जिससे बरसाती पानी की निकासी में दिक्कत आ रही है। यह दोनों नाले टेंडर में भी हैं।
प्रीति सूद, पार्षद वार्ड-20।
-
फोटो-44

ठेकेदार के पास न तो कर्मचारी है और न ही कोई संसाधन : मीना ढींगरा
कोट्स
नगर निगम ने 58 लाख का टेंडर सफाई के लिए दिया है। महीने में एक बार सभी नाले साफ होने चाहिए थे, मगर अभी तक एक बार भी नाले साफ नहीं हुए। ठेकेदार के पास न तो कर्मचारी है और न ही कोई संसाधन। पहले तो बाढ़ आ गई थी, मगर अब सामान्य बारिश होने पर भी शहर से बरसाती पानी नहीं उतर रहा। नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। पहले बरसात के सीजन से पहले ही सभी नाले साफ हो जाते थे, मगर इस बार एक बार साफ नहीं हुए।
मीना ढींगरा, सीनियर डिप्टी मेयर।

फोटो-46
नाले साफ करने के लिए अलग से स्पेशल विंग होनी चाहिए : सचदेवा
कोट्स
नगर निगम नाले साफ करने के लिए हर बार ठेका देता है, मगर ऐसा नहीं होना चाहिए। नाले साफ करने के लिए निगम की अलग से एक स्पेशल विंग होनी चाहिए जो पूरा सालभर नालों की सफाई करे। उसमें 20 से 25 कर्मचारियों की टीम होनी चाहिए। उनके पास सफाई के सभी संसाधन होने चाहिए और इस टीम की सफाई के लिए जबावदेही तय होनी चाहिए। यह प्रक्रिया पूरा साल चलनी चाहिए न कि सिर्फ बरसाती सीजन में ही हो। बड़ी बात यह भी है कि सेक्टर-1, 7, 8, 9 के अंदर के नाले व नालियां है, वह भी ठेकेदार को साफ करनी चाहिए, जबकि वह इस कांट्रेक्ट में ही नहीं है।
एडवोकेट संदीप सचदेवा, मनोनित पार्षद।
-
सभी पार्षदों ने कमिश्नर को लिखा यह पत्र
भाजपा के नगर निगम पार्षदों सीनियर डिप्टी मेयर मीना ढींगरा, मनोनित पार्षद संदीप सचदेवा, प्रीति सूद, मोनिका मल, अर्चना छिब्बर, हितेश जैन, शोभा सिंह पुनिया, सुरेश कुमार ने अंबाला नगर निगम कमिश्नर के नाम पत्र लिखते हुए कहा कि शहर के 85 नालों की सफाई 3 महीने में की जानी थी, मगर इन नालों की सफाई करने में ठेकेदार विफल रहा। 1 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी 5 या 7 नालों को अगर छोड़ दे तो शहर के अधिकतर नालों तक कभी न तो ठेकेदार पहुंचा है, न उसके कर्मचारी पहुंचे है, क्योंकि न तो उसके पास इतने साधन है, न ही इतने कर्मचारी है। पार्षदों ने कहा कि इस सारे विषय पर तुरंत संज्ञान लें, क्योंकि बारिश के दिनों में ठेकेदार की लापरवाही की नाकामी के कारण अंबाला की जनता त्रस्त है। बारिश होने के कई घंटों बाद भी बरसात का पानी नहीं निकलता है और जनता का रोष हम सबको झेलना पड़ता है। पार्षदों ने कहा कि इस फर्म के खिलाफ तुरंत संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई करें और इस फर्म के कांट्रेक्ट को तुरंत प्रभाव से रद्द कर ब्लैक लिस्ट किया जाए।
विज्ञापन


पार्षदों का पत्र मिला है, जांच करवाएंगे : कमिश्नर
कोट्स
पार्षदों ने शहर में नालों की सफाई न होने पर उन्हें पत्र लिखा है, हालांकि फील्ड से सफाई न होने की रिपोर्ट नहीं आई है। बाढ़ आने से थोड़ी दिक्कत आई है, जिस प्लान से ठेकेदार कार्य कर रहा था, उस प्लान से बाढ़ के बाद कार्य नहीं हो रहा। अब जहां जरूरत है, वहां नालों की सफाई करवाई जा रही है। पत्र मिलने के बाद नालों की सफाई को लेकर जांच करवाएंगी। अगर ठेकेदार कार्य नहीं करेगा तो जुर्माने का भी प्रावधान है। ठेकेदार से स्पष्टीकरण भी मांगा जाएगा।
अंजू चौधरी, कमिश्नर, नगर निगम, अंबाला शहर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें