अपना मेडल दिखाते हुए छह वर्षीय गौरांगी। स्वयं
अंबाला सिटी। शहर के जग्गी कॉलोनी की रहने वाले छह वर्षीय गौरांगी ने नेपाल में आठ जनवरी को आयोजित हुई ओपन इंडो नेपाल रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता में रजत पदक जीत कर नाम रोशन किया। पहली कक्षा में पढ़ने वाली गौरांगी की माता वंदना ने बताया कि उनकी बेटी को इस खेल में शामिल हुए सिर्फ चार महीने ही हुए है।
इतने कम समय में ही बेटी ने रजत पदक जीत लिया। गौरांगी की माता वंदना ने बताया कि उनकी बेटी को एलकेजी कक्षा से ही खेलों में बहुत रुचि थी। शुरू में उसे उन्होंने तैराकी के लिए भेजा था, लेकिन आंखों में समस्या के चलते गौरांगी को तैराकी छोड़नी पड़ी। इसके बाद वंदना ने अपनी बेटी को विभिन्न अन्य खेलों में भेजना शुरू किया। इसके बाद अंत में स्केटिंग में ही गौरांगी ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
दो घंटे का अभ्यास, खानपान पर ध्यान
बीते चार महीनों में गौरांगी ने अपनी प्रतियोगिता की तैयारी के लिए रोजाना दो घंटे अभ्यास किया। इसके साथ ही अपने खान- पान और डाइट का विशेष ध्यान रखा। जिससे बेहतर नतीजा मिल सके। गौरांगी फास्ट फूड से परहेज करती है। इससे पहले अंबाला में आयोजित हुई प्रतियोगिता में भी गौरांगी ने अपनी आयु श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता था। गौरांगी अपनी जीत का श्रेय अपने कोच नितिन सैनी को देती हैं, जिन्होंने चार महीने में उसे इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए अच्छी ट्रेनिंग दी है। अंबाला के सेंट जोसेफ स्कूल में पढ़ने वाली गौरांगी अपनी होशियारी और बुद्धिमत्ता के लिए भी जानी जाती हैं। गौरांगी का मानना है कि अनुशासित जीवनशैली और संतुलित आहार जीवन में महानता हासिल करने की कुंजी हैं। इसी सोच के कारण उन्होंने बहुत कम उम्र में ही पढ़ाई, खेल और शैक्षिक गतिविधियों में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।
स्क्रीन टाइम भी रखती हैं सीमित
गौरांगी की माता वंदना ने बताया कि उनकी बेटी अन्य बच्चों की तरह फोन तो चलाती है लेकिन इसके लिए एक समय सीमित रखती है। गौरांगी के खेल और शैक्षणिक सफलता में उसके नाना प्राणनाथ और उनकी मां वंदना की अहम भूमिका है, उन्हीं से उसे प्रेरणा मिलती है।