अंबाला छावनी के जीमएन कॉलेज में स्वामी विवेकानंद का जन्मदिवस मनाते हुए। कॉलेज
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अंबाला। छावनी के जीएमएन कॉलेज में इतिहास विभाग और स्वामी विवेकानंद सेल के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद के 163वें जन्म दिवस की पूर्व संध्या पर एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया।
इस व्याख्यान में डॉ धर्मवीर सैनी ने बताया कि भारत और पूरे विश्व में स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। प्राचार्य डॉ रोहित दत्त ने बताया कि स्वामी विवेकानंद के जीवन के विचारों, कार्यशैली को अपना कर आज हम एक समृद्ध और युवा भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं।
मुख्य वक्ता, डॉ. शिवानी शर्मा ने बताया कि स्वामी विवेकानंद की पहचान भारत के उन महापुरुषों में की जाती है। उन्होंने बड़ी ही युवा अवस्था में साम्राज्यवादी मानसिकता को पहचान लिया था, जिसके माध्यम से ब्रिटिश साम्राज्यवाद ने भारत के ऊपर विजय प्राप्त की थी। स्वामी विवेकानंद एक राष्ट्रवादी सन्यासी थे। जिन्होंने अपनी समझ से न केवल भारतवासियों को बल्कि विशेष तौर पर ब्रिटिश साम्राज्यवाद की असलियत को उजागर किया था।
विवेकानंद एक प्रगतिशील, कार्यशील, दानशील प्रवृत्ति के व्यक्ति थे उन्होंने भारत में उसे लोगों को जगाया जिसने भारत निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद स्टडीज की कोऑर्डिनेटर प्रो. शिवानी शर्मा रही, डॉ. सुरजीत सिंह, डॉ. अनुपमा सिहाग, डॉ. कुलदीप यादव, डॉ. धर्मवीर सैनी, डॉ. अनीश कुमार, डॉ. एसके पांडेय, प्रो बृजेश कुमार, डॉक्टर रितु गुप्ता और डॉ. प्रभलीन कौर मौजूद रहे।
फाइल फोटो--कल्पना।