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सोशल मीडिया पर प्रचार नहीं कर सकेंगे वकील
अंबाला बार एसोसिएशन ने जारी किया पत्र, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने रूल्स 36 के तहत बताया उल्लघंन
क्रासर
नियमों की अवेहलना करने पर अस्थाई व स्थाई रूप से रद्द हो सकता है वकील का लाइसेंस
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। अब वकील सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक सहित समाचार पत्रों में अपनी विशेषज्ञता का प्रचार-प्रसार नहीं कर सकेंगे। अंबाला बार एसोसिएशन की तरफ से इस संबंध में जिला पब्लिक रिलेशन ऑफिसर के साथ-साथ समस्त वकीलों को एक-एक पत्र जारी कर दिया है।
अंबाला बार एसोसिएशन के प्रधान दिलबाग सिंह ने बताया कि एसोसिशन से जिलेभर से करीब दो हजार वकील जुड़े हैं। ऐसी शिकायतें मिल रही थी कि कुछ वकील सोशल मीडिया के जरिए अपना प्रचार कर रहे हैं। वकील स्वयं को क्रिमिनल, सिविल केस, इंश्योरेंस मुआवजा विशेषज्ञ बताते हुए सोशल मीडिया के जरिए प्रचार कर रहे हैं। वकालत को सम्मानजनक पेशा माना जाता है। कानूनी पेशेवरों द्वारा विज्ञापन दिया जाना उचित नहीं माना जाता। बार काउंसिल ऑफ इंडिया रूल्स-36 में कहा गया है कि लॉ फर्म और वकीलों को ऑफलाइन-ऑनलाइन, किसी भी तरह के विज्ञापन करने की अनुमति नहीं है। किसी वकील द्वारा प्रचार-प्रसार करने की शिकायत मिलती है तो जांच की जाएगी। दोष साबित होने पर उसके खिलाफ अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 35 के तहत कार्यवाही की जाएगी। बता दें कि कोर्ट के निर्णय (सजा जैसे मामलों) में भी वकील अपना नाम का प्रचार-प्रसार नहीं कर सकते हैं।
अंबाला बार एसोसिएशन के पास यह हैं अधिकार
- कुछ समय के लिए अस्थाई रूप से लाइसेंस खारिज
- पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल भारी जुर्माना
- बार-बार शिकायत आने पर संबंधित वकील का स्थाई रूप से लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है।