अंबाला सिटी। अधिवक्ता के साथ मुलाना थाने में पिटाई, जातिसूचक शब्द कहने व निर्वस्त्र करने के आरोप के मामले में डीजीपी ओपी सिंह से मुलाकात के बाद भी अधिवक्ताओं का आक्रोश शांत नहीं हुआ है। वीरवार को भी जिला बार एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने काम नहीं किया। अधिवक्ताओं के काम न करने से अदालतों में काम काम अपनी गति से नहीं हो पा रहा है। कई मामलों में सुनवाई नहीं हो पा रही है। वहीं जमानत के मामले भी लटकने लगे हैं।
अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए दिन में डीएसपी बराड़ा और डीएसपी मुख्यालय ने बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल से बातचीत की। इस बैठक में अधिवक्ताओं ने अपनी पिछली मांग से कोई समझौता न करने की बात कही। बार एसोसिएशन के प्रधान सतपाल सिंह ने बताया कि पुलिस अधिकारियों को हमने साफ कह दिया है कि आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर हो और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद ही वह अपनी हड़ताल वापस लेंगे। इधर अधिवक्ताओं के हड़ताल पर जाने से जिला की 20 से अधिक अदालतों में करीब 3,000 से केस लंबित हो गए हैं। मामलों में आगे की तारीखें दी जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर रात्रि 8 बजे भी पुलिस अधिकारियों के साथ अधिवक्ताओं के दल की बैठक चली। समाचार लिखे जाने तक इस बैठक में कोई समाधान नहीं निकल सका था।
यह था मामला
घटना 12 दिसंबर की थी। थाना मुलाना क्षेत्र के गांव सोहाना में घर जाने वाले रास्ते को लेकर विवाद का मामला सामने आया था। पीड़ित रोशन लाल ने पुलिस बयान दर्ज करवाए थे कि कुछ लोगों ने आपसी सलाह-मशवरे के बाद जेसीबी मशीन से उनके घर का रास्ता खोदकर अवैध कब्जा करने की कोशिश की और विरोध करने पर उनके व उनके जीजा के साथ मारपीट की गई। रात को दोबारा झगड़े की शिकायत जब अधिवक्ता ने पुलिस को फोन कर बुलाया तो आरोप है कि पुलिस अधिवक्ता व उनके परिवार को ही थाने ले आई थी। जहां पर अधिवक्ता से साथ मारपीट, गली गलौज हुई व जातिसूचक शब्द कहते हुए निवस्त्र किया गया था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मुलाना थाना के उस समय के पीसीआर प्रभारी एएसआई सतपाल व एएसआई प्रेम पाल को लाइन हाजिर कर दिया है, साथ ही विभागीय जांच भी खोल दी थी।