अंबाला। छावनी में करोड़ों रुपये की लागत से विकास कार्य हो रहे हैं और इसका फायदा अंबाला छावनी की जनता को ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को भी मिल रहा है, लेकिन इन सब सुविधाओं के बावजूद आज भी छावनी के वकील और डीड राइटर सहित नोटरी अपने को अकेला महसूस करते हैं। उनके पास सुविधाओं के नाम पर न तो कोई सरकारी जमीन है और न ही कोई अन्य सुविधा।
खुद के खर्च पर बनाया फर्श : छावनी के वारहीरोज स्टेडियम के नजदीक वकीलों, डीड राइटरों सहित नोटरी आदि को जगह दी गई है जोकि कुमार रुकमणि देवी हॉल के बिल्कुल साथ एक निजी जमीन है। यह सुविधा के नाम पर कच्ची जमीन के अलावा कुछ नहीं है। यहां काम करने वाले लोगों ने खुद के खर्च पर कुछ समय पहले फर्श पक्का आर अपने बैठने के स्थान को ऊंचा करवाया है ताकि बारिश के दिनों में उन्हें जलभराव की समस्या न झेलनी पड़े। वहीं सुरक्षा को लेकर भी यहां कोई प्रबंध नहीं है। अंधेरा होते ही यहां नशेड़ी व शराबियों का जमावड़ा लग जाता है जो चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं।