संत रविदास जयंती के दिन शुक्रवार को दो गांवों में उपजे जातीय विवाद के बाद पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पहला मामला गांव मछौंडा में हुआ, जबकि दूसरा विवाद गांव सारंगपुर में हुआ है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामलों को शांत कराया। फिलहाल गांव में पुलिस तैनात है।
जमीन पर दावे को लेकर उपजा विवाद
अंबाला कैंट के मछौंडा क्षेत्र में रविदास जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाना था। जिस जगह पर यह आयोजन हुआ, उसी जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद है। एक पक्ष जहां इस पर धर्मशाला बनाना चाहता है, जबकि दूसरा पक्ष अपना दावा जताते हुए इसका विरोध कर रहा है। शुक्रवार को रविदास जयंती पर एक पक्ष ने इस विवादित जमीन के एक हिस्से पर कार्यक्रम आयोजित करना शुरू किया और भंडारा लगा दिया। इस में श्रद्धालु भी मौके पर पहुंच गए, जबकि इस दौरान इस पक्ष ने पूजा अर्चना भी की। इसी को लेकर विवाद बढ़ गया। दूसरे पक्ष ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। मामला गंभीर देखते हुए पुलिस अधिकारी व नगर निगम की टीम मौके पर पहुंच गई। इस दौरान पुलिस व टीम ने इस लोगों को इस जमीन से हटने के लिए कहा, लेकिन इस पक्ष ने विरोध जता दिया। लोगों की पुलिस व अधिकारियों से जमकर बहसबाजी हुई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने इन लोगों को साफ कहा कि इस जमीन के हिस्से पर कोई निर्माण न किया गया।
लोगों को- निर्देश दिया गया है कि इस जमीन पर कोई पक्का निर्माण न किया जाए। यदि कोई शांति भंग करने की कोशिश करता है तो कार्रवाई होगी, जबकि पुलिस इस पर नजर रखे हुए है।
- भूषण दास, एसएचओ थाना पड़ाव
झंडा लगाने पर तनाव, दो गुट आमने-सामने
नग्गल। गांव सारंगपुर में पंचायती जमीन पर मंदिर बनाने व झंडे वाली जगह को पक्का करने के कार्य का दूसरे पक्ष ने विरोध जता दिया। इसी विरोध के चलते दोनों पक्ष आमने सामने हो गए और गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। इसी दौरान सूचना पाकर एसएचओ सदर पुलिस थाना मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की।
गांव सारंगपुर में पंचायती जमीन पर एक पक्ष मंदिर बनाना चाहता है और इसी को लेकर पहले झंडा भी लगा दिया गया था। शुक्रवार को इसी झंडे वाली जगह को पक्का करने का काम शुरू किया गया। इस पर दूसरे पक्ष ने ऐतराज जता दिया। दूसरे पक्ष का कहना है कि इस जमीन पर कम्यूनिटी सेंटर बनाने का प्रस्ताव है, जिस पर मंदिर नहीं बनाया जा सकता। इसी पर दोनों पक्ष आमने सामने हो गए और इन में जमकर बहसबाजी हो गई। इससे गांव में तनाव फैल गया और लोग मौके पर पहुंचे। इसी दौरान मामले की सूचना सदर थाना पुलिस को दी गई। मौके पर एसएचओ महमूद खान पहुंचे और मामले की जानकारी ली। उन्होंने लोगों को समझाया लेकिन लोग इस मुद्दे पर अपने पक्ष को सही ठहराते रहे। इसके बाद दोनों पक्षों से प्रमुख लोगों को थाने बुलाया गया, जबकि तहसीलदार टीआर गौतम व बीडीपीओ प्रताप सिंह भी थाने में पहुंच गए। इस दौरान देर तक बैठक चलती रही। इसके बाद मामला शांत हुआ।
फिलहाल तय हुआ है कि इस जमीन पर कोई निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। तहसील विभाग द्वारा इस जगह की पैमाइश आदि की जाएगी। इसके बाद आगामी निर्णय लिया जाएगा।
- महमूद खान, एसएचओ सदर थाना