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Ambala News: सीएचसी और पीएचसी में दवाओं की कमी

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अंबाला सिटी। जिले के नागरिक अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी दवाओं की उपलब्धता का स्तर कम है।
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नागरिक अस्पतालों में तो दवाओं की उपलब्धता रहती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पीएचसी और सीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में पट्टी करने के लिए पट्टियां भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाती हैं। इसलिए पीएचसी और सीएचसी की बजाय लोग नागरिक अस्पतालों का रुख करते हैं। ऐसे में अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ती है और कई घंटों तक मरीज को दवा लेने के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ता है। जिला अंबाला में 1177 दवाएं और अन्य चीजें शामिल हैं। इन दवाओं में कोविड से संबंधित दवाएं व सामान भी शामिल है।
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इन दवाओं की रहती है कमी : जिला नागरिक अस्पतालों में जहां मल्टी सॉल्ट वाली दवाओं की कमी रहती है। इसके अलावा नारायणगढ़ अस्पताल में सिर्फ सामान्य दवाएं ही मिलती है। तो वहीं सीएचसी और पीएचसी स्तर पर इन दिनों बीपी की दवा टेल्मिसर्टन हाइड्रोक्लोरोथियाजाइड के साथ- साथ दर्द, बुखार, मासिक धर्म में ऐंठन आदि के इलाज के लिए इस्तेमाल होनी वाली इबुप्रोफेन की भी कमी है। वहीं बैक्टीरिया के कारण होने वाले संक्रमण के उपचार के लिए सिप्रोफ्लोक्सासिन दवा भी नहीं है। इसके अलावा ओफ्लोक्स 200 एंटीबायोटिक टैबलेट भी कमी है। इतना ही नहीं ग्रामीण स्तर पर पट्टी करने के लिए रुई और बैंडऐड भी नहीं है। वहीं आयरन के कैप्सूल की भी कमी है। घाव पर लगाने के लिए बिटाडीन की भी उपलब्धता हाल ही में करवाई गई है।
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