अंबाला। पिछले कुछ समय से अंबाला डिपो अपने आप को अपग्रेड करने में कर रहा है। एक साल में अंबाला डिपो में कई नई सामान्य बसें, वातानुकूलित बसें और इलेक्ट्रिक बसें आई हैं। मगर डिपो में बस चालकों की कमी को पूरा नहीं किया जा रहा है।
इसके कारण स्थानीय मार्गों पर बस कम फेरे लगा पा रही है। कुछ लंबे रूट भी प्रभावित हो रहे हैं। कुछ रूट तो ऐसे भी हैं जहां एक भी बस नहीं जा रही है। इसका असर यात्रियों पर देखने को मिल रहा है। अंबाला डिपो पर 100 चालकों की कमी है। अभी तक डिपो के पास 164 बस चालक कार्यरत हैं। इन पर 180 बसों की जिम्मेदारी है।
लंबे मार्ग पर भी कम चल रही बसें
दिल्ली पटियाला, कालका, यमुनानगर, अमृतसर, ऊना, लुधियाना, शिमला मार्ग पर बसें कम फेरे लगा रही हैं। जबकि इन मार्गों पर यात्रियों की संख्या सबसे ज्यादा है। कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण अधिकारी बसों को पूरी तरह से संचालन नहीं कर पा रहे हैं। जिसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार यात्री अन्य डिपो की बसों में यात्रा कर रहे हैं। इसके अलावा जम्मू कटरा मार्ग बंद है। यहां पर डिपो की एक भी बस नहीं जाती है।
स्थानीय मार्ग पर भी बसें कम
अंबाला सिटी और अंबाला छावनी से बराड़ा मार्ग पर सुबह से शाम तक कई बसें संचालन करती थी लेकिन अब कुछ बसें ही संचालन कर रही है। इसके अलावा सबका से शाहबाद मार्ग पर बसों को संचालन ठीक था लेकिन इस मार्ग पर भी एक दो बसें की चलाई जा रही है। वहीं, चुड़ियाला के लिए भी बस एक ही चलाई जा रही है।
वर्जन
अंबाला डिपो में कर्मचारियों की कर्मी है इसके कारण विभिन्न मार्गों पर बसें कम फेरे लगा रही है।
विपुल नांदल, यातायात प्रबंधक।