फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kisan Andolan: उपद्रव करने वालों के रद्द हो सकते हैं वीजा, पासपोर्ट, किसान शुक्रवार को सुनाएंगे बड़ा फैसला

Thu, 29 Feb 2024 11:25 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, अंबाला सिटी (हरियाणा)

सार

शंभू बॉर्डर पर पिछले दिनों किसानों और पुलिस फोर्स के बीच जमकर संघर्ष हुआ। इस दौरान आंदोलन की आड़ में कई लोगों ने पत्थरबाजी भी की। इसे लेकर पुलिस अब सख्त दिख रही है।
विज्ञापन
किसान आंदोलन - फोटो : संवाद (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डीएसपी जोगिंदर शर्मा ने बुधवार को बताया कि ऐसे उपद्रवियों को चिह्नित किया जा रहा है। ड्रोन व बॉर्डर पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से उन्हें चिह्नित कर उनके पासपोर्ट व वीजा रद्द करने की आगामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। गौरतलब है कि किसान आंदोलन शुरू होने के बाद से कई बार पुलिस की तरफ पथराव हुआ था। वहीं पुलिस की तरफ से आंसू गैस के गोलों का प्रयोग कर लोगों को बैरिकेडिंग तोड़ने से पहले दूर किया गया था।

विज्ञापन


गुरुवार को अंतिम संस्कार में व्यस्त रहे किसान नेता, आज सुनाएंगे फैसला
शंभू बॉर्डर पर वीरवार को उम्मीद थी कि किसान आंदोलन कर रहे किसान नेता अपनी रणनीति साझा करेंगे। मगर दिनभर किसान शुभकरण के अंतिम संस्कार के चलते रही व्यस्तता के कारण किसान नेताओं ने आंदोलन की आगे की रणनीति साझा करने के फैसले को शुक्रवार तक के लिए टाल दिया है।

शुक्रवार को चार से पांच किसान नेताओं का दल प्रेसवार्ता कर आंदोलन की आगे की रणनीति बताएगा। इधर दूसरी तरफ शंभू बॉर्डर पर वीरवार काे शांति दिखाई दी। मुख्य किसान नेता जहां किसान को श्रद्धांजलि देने गए थे तो वहीं स्थानी किसानों ने शंभू बॉर्डर पर जिम्मेदारी संभाली हुई थी। वह लोगों को सरकार के फैसलों के खिलाफ मंच से संबोधित कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ बेरिकेडिंग के पास अंबाला पुलिस फोर्स राहत की स्थिति में दिखाई दी।
विज्ञापन


कोई मोबाइल चला रहा था तो कोई किसानों पर नजर रखे हुए था। मगर इतनी तेज धूप में बेरिकेडिंग पर ड्यूटी देना पुलिस फाेर्स के लिए काफी चुनौती बनता नजर आ रहा है। यही हाल किसान आंदोलन में शामिल किसानों का है। हालांकि किसान तो फिर भी अपनी ट्रालियों और तंबुओं में दिन के समय बैठे नजर आ रहे हैं। वहीं किसान नेताओं का कहना है कि उनका दिल्ली कूच का फैसला अभी भी बरकरार है।

बॉर्डर पर लगा लिए हैं कैंप
शंभू बॉर्डर पर अब पक्का मोर्चा लगाता ही जा रहा है। किसानों ने सरकार के साथ वार्ता का समाधान न निकलने और किसान आंदोलन के फिलहाल के लिए ठहरने के चलते कैंप बना लिए हैं। जिसमें वह दिनभर आराम करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं किसानों का इन शिविरों में आना जाना लगा रहता है और अपनी मांगों पर किसान नेता चर्चा करते भी दिखाई दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें
किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसान शुभकरण को श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे किसान नेता सोशल मीडिया पर वीडियो व फोटो पोस्ट करते दिखे। वह संयुक्त किसान मोर्चा और अपनी-अपनी यूनियनों का झंडा भी मृतक किसान के ऊपर रखकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें