उप्र के अमेठी, गांव गोरा जामू के अमित का फिरौती के लिए अपहरण की घटना कोरा ड्रामा निकला। अमित ने लुधियाना वासी अपने सगे मामा अजय से पैसे ठगने के लिए साजिश रची थी, जोकि कामयाब नहीं हो पाई। सीआइए-वन ने चौबीस घंटे में वारदात सुलझा ली। महेशनगर थाने में दर्ज केस में उप्र के अमेठी वासी अजय और राजू को गिरफ्तार कर लिया जोकि मोहाली में किराए के घर में रहते और चंडीगढ़ में प्राइवेट नौकरी करते थे। रेड से कुछ समय पूर्व मास्टरमाइंड अमित वहां से निकल गया था, इसीलिए हाथ नहीं लगा। बुधवार दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि घटना के अनसुलझे रहस्य उजागर के साथ अमित को गिरफ्तार किया जा सके। नौकरी के लिए चंडीगढ़ गया अमित संदिग्धावस्था में लापता हो गया था। अज्ञात ने छोड़ने की एवज में फिरौती के तौर पर अमित के खाते में एक लाख डलवाने की मांग रखी थी।
यूं चला घटनाक्रम
फिरौती के लिए अपहरण उजागर होने के बाद जब सीआइए-वन ने काल ट्रेसिंग की तो पता चला कि नंबर पंजाब का है। अमित के दोनों नंबर बंद आ रहे थे। चूंकि मांग केवल एक लाख की थी, उसी ने सभी को संदेह में डाल दिया कि इतनी छोटी मांग बड़े अपराधी नहीं कर सकते। पंजाब के नंबर को ट्रेस करते-करते टीमें राजू और अजय तक मोहाली जा पहुंची। हिरासत में लेकर की गई पूछताछ में दोनों सच उगल दिया।
योजना के अनुसार रचा था चक्रव्यूह
आरोपियों ने बताया कि 8 फरवरी को अमित जब अमेठी से अंबाला आया तो वे दोनों भी उसके साथ आए थे। अमित ने मामा को ठगने के लिए प्लान पहले से बना लिया था। उसमें उन्हें भी सहयोगी बना लिया। योजना के अनुसार अमित नौकरी ढूंढने के लिए चंडीगढ़ जाने की कहकर कैंट से निकलने के बाद उनके पास आया। वहीं नया मोबाइल नंबर लिया। उसी नंबर से अमेठी में उसकी मां दीपा को फोन किया। धमकाया कि यदि खाते में पैसे नहीं डलवाए तो वे अमित को किसी और के हवाले कर देंगे। दीपा के फोन पर अमित का मामा अजय कैंट शालीमार बाग में बहन शिव के पास आया। उसने भी फिरौती मांगने वाले से बात की, वह अपनी मांग से नहीं टला तब पुलिस को सूचना दी गई।
अपहरण का फिरौती मांगने की घटना झूठी पाई गई है। अंकित ने अपने मामा को ठगने के लिए योजना बनाई थी जोकि विफल कर दी गई। अमित के दोनों सहयोगी मोहाली से गिरफ्तार कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वह उसके साथ अंबाला आए थे। नये सिम से धमकी भरा फोन किया गया था। अमित को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
- संदीप, इंचार्ज, सीआईए वन