सप्लाई चौक के निकट सैन्य क्षेत्र नाले में कार सहित डूबने पर छावनी के गोल्डन पार्क निवासी अंगिरस पुलकित की मौत हो गई। जैसे ही खबर अंबाला शहर कोर्ट में पहुंची तो जिला बार एसोसिएशन ने शोक स्वरूप दिनभर अपना वर्क सस्पेंड रखा। नाले में डूबने का खुलासा सोमवार सुबह करीब 6 बजे हुआ। जब वहां से गुजरने वाले लोगों ने एक कार नाले में डूबी हुई देखी। सूचना रजमेंट चौकी में पहुंचते ही मुलाजिम मौके पर पहुंचे।
हेडकांस्टेबल कृष्ण कुमार, कुलदीप और एसपीओ कुलदीप ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली से टोचन कर कार को बाहर निकाला। ड्राइवर सीट पर शव था। बाहर निकालने के बाद जब शनाख्त की गई तो वह शव अंगिरस पुलकित का निकला। पुलिस ने शव का छावनी के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर जांच शुरू कर दी। परिजनों ने फिलहाल किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही असर कारणों का खुलासा हो पाएगा कि आखिर कार कैसे गिरी और मौत किस कारण हुई।
शिक्षक मां और रेलवे कर्मचारी पिता का इकलौता बेटा था अंगिरस
मृतक अंगिरस की मां बोह राजकीय स्कूल में बतौर शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि पिता कार्तिके मिश्रा डीआरएम कार्यालय की सेक्शन ब्रांच के अंदर सीनियर अकाउंटेंट है। अंगिरस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वकील बनने के बाद अंगिरस का सपना जज बनने का था। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान इकबाल सिंह का कहना था कि शोक स्वरूप उन्होंने वर्क सस्पेंड रखा था। अंगिरस उनका युवा वकील था और अविवाहित था। एडवोकेट पवन गोयल के साथ ही वह काम कर रहा था और बहुत ही मेहनती था।
परिजन रातभर फोन के जरिए करते रहे तलाश
पिता कार्तिके मिश्रा का कहना था कि अंगिरस रविवार रात करीब 8 बजे घर से किसी को मिलने के लिए निकला था। रात को करीब 11 बजे जब आखिरी फोन किया था तो उसने जल्द आने के लिए बोला था। उसके बाद करीब 12 बजे फोन किया तो बंद जा रहा था। बाद में संपर्क में रहने वाले लोगों और दोस्तों को फोन किया तो कोई सुराग नहीं लगा। सुबह तक माता-पिता अंगिरस का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सुबह उन्हें करीब सात बजे पता चला कि उनके बेटे की कार व खुद डूब गया और उसकी मौत हो गई। घर पर मातम पसर गया।
नाले की चारदीवारी भी न होना हो सकता है मौत का कारण
सोमवार देर रात को काफी धुंध हो गई थी। सैन्य क्षेत्र में सप्लाई डिपो से कैंटोनमेंट बोर्ड की तरफ जाने वाली रोड पर दरगाह के निकट ही यह हादसा हुआ। जिस जगह हादसा हुआ वहां नाले की पुलिया तो है, लेकिन उसके साथ कोई चारदीवारी नहीं है। घुमावदार मोड़ होने के कारण काफी संतुलन रखना पड़ता है। धुंध होने के कारण अचानक मोड़ का पता लगाना मुश्किल हो जाता है और नाले की चारदीवारी भी न होने के कारण कार अनियंत्रित होकर सीधा भी नाले में गिर सकती है।
सुबह पता चला था कि एक बार नाले में गिरी है। बाहर निकालने पर पता चला कि उसमें वकील अंगिरस का शव भी था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के असल कारणों का खुलासा हो पाएगा फिलहाल परिजनों की ओर से किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी गई।
- कृष्ण कुमार, जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल, रजमेंट चौकी