अंबाला। पब्लिक हेल्थ एसडीओ जफर इकबाल खान का अपहरण करने वाले आरोपी ऐसी आधा दर्जन वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पकड़े गए दोनों आरोपियों ने शुरूआती पूछताछ में ऐसी चार वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली है। एसडीओ के अपहरण में गिरोह के पांच सदस्य शामिल थे जबकि पूरे गिरोह में एक दर्जन से ज्यादा लोग बताए जा रहे हैं। खरड़ व नारायणगढ़ की दो युवतियों की भी इस मामले में आरोपी के तौर पर पहचान हो चुकी है। इन युवतियों ने ही एसडीओ को अपने जाल में फंसाया था। इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस रेड कर रही है। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस रिमांड के जरिए पूछताछ कर रही है।
पहले दस लाख की हुई थी डिमांड
सीआईए टू के हत्थे चढ़े यमुनानगर के रोशन अली व बिलासपुर के रामनाथ ने पूछताछ में बताया कि साजिश के तहत एसडीओ जफर इकबाल का अपहरण किया गया था। मिलने के बहाने ही युवती ने उसे बुलाया था। अपहरण के बाद एसडीओ को हिमाचल प्रदेश के एक होटल में ले गए। पूरी रात एसडीओ को वहीं बंधक बनाकर रखा गया था। हालांकि अगले दिन ही आरोपियों ने जगह बदल दी थी। पूछताछ में आरोपियों ने यह बात भी मानी है कि दोस्त के जरिए जफर के परिवार से पहले दस लाख की डिमांड की थी। बाद में आरोपी तीन लाख रुपए पर आ गए। फिरौती लेने से पहले ही पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के जरिए अपहरणकर्ताओं को ट्रेस कर लिया था। तब आरोपी एसडीओ को छोड़कर भाग गए थे।
पूरे गिरोह में एक दर्जन से ज्यादा लोग
युवतियों के जरिए अपने जाल में लोगों को फंसाने वाले इस गिरोह में एक दर्जन से ज्यादा शामिल बताए जा रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों ने इसका खुलासा किया है। हालांकि एसडीओ जफर के मामले में दो युवतियों समेत पांच लोग शामिल थे। इन सभी आरोपियों की पहचान हो चुकी है। एसडीओ को सोशल मीडिया के जरिए अपने जाल में फंसाने वाली युवतियों के नाम पते भी जांच टीम को मिल चुके हैं। इनमें एक युवती खरड़ की तो दूसरी नारायणगढ़ की है। गिरफ्तारी के डर से ये युवतियां अभी फरार चल रही हैं।
ऐसे अंजाम दी गई थी वारदात
कैंट के मच्छी मोहल्ला के रहने वाले जाहिद खान ने 5 सितंबर 2019 को थाना कैंट में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 4 सितम्बर 2019 को उसके छोटे भाई जफर इकबाल का अपहरण कर लिया है। अपहरण से पहले जफर ड्यूटी के लिए नारायणगढ़ गया था। मगर इसके बाद वापस नहीं लौटा। अगले दिन ही उसने दोस्त को फोन कर तीन लाख रुपये दोसड़का चौक पर पहुंचाने की बात कही थी। तब उसने कहा था कि उसकी कार से एक बच्चे का एक्सीडेंट हो गया है। उसके परिवार को तीन लाख रुपये देने हैं। फिर उसने फोन पर अपने अपहरण होने का मैसेज भी भेजा। शिकायत के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आ गई। अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो अपहरणकर्ताओं की लोकेशन ट्रेस की गई। अब पुलिस पकड़े गए दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है।
पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ चल रही है। इससे पहले ये ऐसे ही 3-4 लोगों से भी पैसे ऐंठ चुके हैं। पूरे गिरोह में एक दर्जन से ज्यादा लोग हैं। मगर इस मामले में पांच आरोपी शामिल थे जिनमें दो युवतियां शामिल हैं। उनके नाम पते सब मालूम हो चुके हैं। जल्द ही वे भी पकड़ी जाएंगी। अभी आरोपियों से पूछताछ चल रही है। कुछ और भी इस मामले में नए राज खुल सकते हैं।
अमन सिंह, प्रभारी, सीआईए स्टाफ-2