अंबाला सिटी। सिटी के नदी मोहल्ला स्थित मैत्रेय ज्योतिष कार्यालय में पंडित तिलकराज शर्मा ने बताया कि खंडग्रास चंद्रग्रहण आश्विन पूर्णिमा पर 28 व 29 अक्तूबर की मध्य रात्रि को संपूर्ण भारत में दिखाई देगा। यह ग्रहण 28 अक्तूबर की मध्य रात्रि एक बजकर पांच मिनट पर लगेगा और दो बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण का सूतक 28 अक्तूबर को सायं चार बजकर पांच मिनट पर प्रारंभ हो जाएगा।
शास्त्रों के अनुसार सूतक काल व ग्रहण काल में मूर्ति स्पर्श करना, अनावश्यक खाना-पीना, निद्रा, नाखून काटना वर्जित है। सूतक काल में बाल, वृद्ध, रोगी व गर्भवती स्त्रियों को यथानुकूल भोजन और दवाई आदि लेने में कोई दोष नहीं है, परंतु ग्रहण काल में यह भी वर्जित है। ग्रहण, सूतक से पहले ही दूध-दही, आचार, चटनी, मुरब्बा में कुशा तृण रख देने से ये खाद्य दूषित नहीं होते। मगर सूखे खाद्य पदार्थों में कुशा डालने की आवश्यकता नहीं है। वहीं 28 अक्तूबर को शरद पूर्णिमा होने के कारण सत्यनारायण भगवान का व्रत है, लेकिन उस दिन सायं चार बजे से सूतक प्रारंभ हो जाने के कारण चार बजे से पहले ही व्रत की समाप्ति कर लेनी चाहिए या फिर अगले दिन सूर्य उदय के बाद व्रत समाप्ति करनी होगी।