- बेटे सागर ने दी मुखाग्नि गांव में उमड़ा जनसैलाब, अंबाला जिले के नग्गल थाना प्रभारी थे कर्मवीर सिंह
- गणतंत्र दिवस पर मिला था प्रशंसा पत्र, कुछ ही महीनों बाद थाने में चली गोली ने छीन लिया जांबाज पुलिस अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। नग्गल थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर कर्मवीर सिंह का सोमवार को उनके पैतृक गांव रामगढ़ रोड़ में अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस की सशस्त्र टुकड़ी की सलामी के बीच उनके इकलौते बेटे सागर ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान पिता को अंतिम विदाई देने के लिए कनाडा से पहुंचे सागर और परिवार के अन्य सदस्यों की आंखें नम थी।
कर्मवीर सिंह की 29 अगस्त को अंबाला के नग्गल थाने में गोली लगने से मौत हो गई थी। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार, पुलिसकर्मी और सामाजिक व राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। अंतिम संस्कार से पहले पुलिस की टुकड़ी ने कर्मवीर सिंह को राजकीय सम्मान दिया। अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने भी गांव पहुंचकर दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि दी। एसपी ने परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान डीएसपी विजय कुमार, पिहोवा के डीएसपी रणधीर सिंह, सदर थाना पिहोवा प्रभारी सतीश कुमार, गुमथला चौकी प्रभारी जनपाल सिंह सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
1998 में सिपाही बने, पदोन्नति पाकर पहुंचे थाना प्रभारी तक
कर्मवीर सिंह का पुलिस सेवा का सफर 25 नवंबर 1998 को शुरू हुआ था। उन्होंने हरियाणा पुलिस में सिपाही के रूप में भर्ती होकर करीब 28 वर्षों तक अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाई। सेवाकाल के दौरान पदोन्नति पाकर वह सब इंस्पेक्टर बने और अंबाला जिले में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी। करीब दो वर्ष से वह नग्गल थाने की कमान संभाल रहे थे। उनके कार्य के प्रति समर्पण को देखते हुए इसी वर्ष गणतंत्र दिवस पर उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया था। जिस पुलिस अधिकारी को कुछ महीने पहले कर्तव्यनिष्ठा के लिए सम्मान मिला था, उसी की अचानक मौत से विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी स्तब्ध हैं।