देहरादून। हरियाणा के अंबाला निवासी कमलजीत को 157वीं पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने प्रेसिडेंट ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया। उनके लिए यह सम्मान केवल एक पदक नहीं, बल्कि उनके पिता के अधूरे सपने और दादा की प्रेरणादायक कहानियों की जीवंत याद है। बीते वर्ष हार्ट अटैक से उनके पिता का निधन हो गया था। वे हरियाणा रोडवेज में चालक के पद पर कार्यरत थे और मन से चाहते थे कि उनका बेटा भारतीय सेना में अफसर बने।
कमलजीत बताते हैं कि बचपन से ही उनके दादाजी, जो पेशे से किसान थे, उन्हें सेना से जुड़ी वीरता की कहानियां सुनाया करते थे। उन्हीं कहानियों ने उनके मन में देश सेवा का बीज बोया। जब मंच पर खड़े होकर वे अपने पिता और दादा को याद कर रहे थे, तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उस भावुक पल में उनके साथ मौजूद उनकी बहन अमनप्रीत कौर और माता राजवीर भी स्वयं को रोक नहीं सकीं। कमलजीत ने कहा कि उन्होंने अपने दादा और पिता की अथक मेहनत और सादगी को ही अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बनाया। उनकी बहन अमनप्रीत कौर ने बताया कि उनके दादा और पिता दोनों ही कबड्डी खिलाड़ी थे और हमेशा बच्चों को खेल और अनुशासन के लिए प्रोत्साहित करते थे। अमनप्रीत ने गर्व से कहा, कमलजीत हमारे खानदान के पहले सैन्य अफसर हैं। यह हमारे परिवार ही नहीं, पूरे क्षेत्र के लिए सम्मान की बात है।