- सवा दो घंटे देरी से कालका पहुंची नेताजी एक्सप्रेस, यात्रियों ने स्टेशन पर काटी रात
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। रेलवे की लेटलतीफी और प्रीमियम ट्रेनों को समय पर संचालित करने की नीति आम यात्रियों को परेशानी में डाल रही है। सोमवार-मंगलवार की मध्यरात्रि ट्रेन संख्या 13051 हावड़ा-कालका (नेताजी एक्सप्रेस) अपने निर्धारित समय से करीब सवा दो घंटे की देरी से गंतव्य स्टेशन पर पहुंची। इस देरी के कारण शिमला जाने वाली प्रसिद्ध टॉय ट्रेन के यात्रियों का सफर बीच में फंस गया।
कनेक्टिंग ट्रेन छूटने के कारण यात्रियों को पूरी रात स्टेशन पर गुजारनी पड़ी। यात्रियों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन को रेल मदद और सोशल मीडिया (एक्स) के जरिए अंबाला व दिल्ली डिवीजन को बार-बार सूचना दी गई लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
बुकिंग के रुपये बर्बाद
प्रभावित यात्रियों ने बताया कि उनकी ट्रेन नंबर 52457 कालका-शिमला एक्सप्रेस में कन्फर्म बुकिंग थी। नेताजी एक्सप्रेस लेट होने से उनकी यह ट्रेन निकल गई। इससे न केवल उनके टिकट के पैसे बर्बाद हुए बल्कि आगे की पूरी प्लानिंग चौपट हो गई। यात्रियों ने कहा कि रेलवे अधिकारियों की लापरवाही के कारण उन्हें मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने कहा कि रेलवे एक तरफ आधुनिकता के दावे करता है, वहीं दूसरी ओर स्टेशनों पर बैठने के लिए पर्याप्त बेंच तक उपलब्ध नहीं हैं। सामान्य श्रेणी की स्थिति तो और भी खराब है। यात्रियों ने बताया कि डिब्बों में क्षमता से पांच गुना अधिक लोग जानवरों की तरह ठूंस कर सफर करने के लिए मजबूर हैं।
सोलन निवासी ने खोली दावों की पोल
सोलन निवासी अरुण ने बताया कि उन्हें दिल्ली से शिमला तक सफर करना था। ट्रेन की देरी से कालका स्टेशन पर पहुंचने के कारण उन्होंने पूरी रात परेशानी झेली। दो बार उन्होंने ट्रेन लेट होने के बारे में रेलवे को अवगत करवाया लेकिन किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। अंबाला मंडल को भी देर रात 2:45 बजे शिकायत दर्ज करवाई तो वहां से भी सुबह 7:48 बजे जवाब मिला।
ट्रेनों के संचालन में देरी के कारणों की समीक्षा की जा रही है। किसी विशेष तकनीकी कारण या रूट पर अन्य ट्रेनों के दबाव के चलते देरी हो सकती है। यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है।
- यशनजीत सिंह, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल