अंबाला। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर देश के 12 ज्योर्तिलिंग से लाए जल से 400 वर्ष पुराने ऐतिहासिक रानी का तालाब मंदिर में स्थापित शिवलिंग का विशेष जलाभिषेक किया जाएगा।
शिवरात्रि के दौरान यह मंदिर विशेष रूप से सजाया जाता है और यहां भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सेना की 341 मीडियम रजिमेंट ने मंदिर के अंदर विशेष तौर पर एक कक्ष तैयार किया है। इस कक्ष का नाम द्वादश ज्योर्तिलिंग का स्वरूप रखा गया है।द्वादश ज्योर्तिलिंग स्वरूप कक्ष में 12 ज्योर्तिलिंग से लाए जल और मिट्टी को रखा जाएगा ताकि महाशिवरात्रि के दिन इनका इस्तेमाल किया जा सके, वहीं रानी का तालाब मंदिर महाशिवरात्रि पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। प्राचीन मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां शुरु हो गई हैं। इसके अलावा मंदिर को फल और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जा रहा है। महाशिवरात्रि के दिन इस मंदिर में जलाभिषेक के लिए तांता लग जाता है। हरिद्वार व गोमुख से गंगा जल लेकर पहुंचने वाले कांवड़िए यहां जलाभिषेक कर अपनी यात्रा को सफल मानते हैं। संवाद